Haridwar: स्वास्थ्य-शिक्षा क्षेत्र में एआई की भूमिका अहम: राज शेखर

हरिद्वार: तेजी से बदलते तकनीकी दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जीवन के लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एआई आने वाले समय में क्रांतिकारी बदलाव का माध्यम बन सकता है। यह बात भारत सरकार के नीति आयोग में प्रमुख सलाहकार एवं टाटा मोटर्स के पूर्व सीईओ तथा आदित्य बिड़ला समूह के पूर्व अध्यक्ष राज शेखर जोशी ने गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के भेषज विज्ञान विभाग में आयोजित विशिष्ट व्याख्यान के दौरान कही।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर आयोजित व्याख्यान में राज शेखर जोशी ने एआई के विकास और इसके बढ़ते प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इंटरनेट क्रांति के बाद तकनीक का तेजी से विस्तार हुआ और धीरे-धीरे कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग भी बढ़ता गया। आज एआई जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यप्रणाली और सोच के तरीके को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ एआई से जुड़े पाठ्यक्रम भी करें। उन्होंने कहा कि सूचना और तकनीक के तेजी से बदलते दौर में विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकों को समझना बेहद जरूरी है। समय के साथ तकनीकी दक्षता विकसित नहीं करने पर वे प्रतिस्पर्धी माहौल में पीछे रह सकते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में भेषज विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सतेन्द्र राजपूत एवं डीपीएस दौलतपुर के प्रो. वाइस चेयरमैन विकास गोयल ने राज शेखर जोशी का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अश्वनी कुमार ने किया, जबकि डॉ. विनोद नौटियाल ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ. बलवंत सिंह रावत, ओमप्रकाश जोशी, राहुल सिंह, रोहित भारद्वाज सहित शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।





