उत्तराखंड

बिल्डर के ठिकानों पर GST की दबिश, करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी

nidhi
3 Oct 2026 8:51 AM IST
बिल्डर के ठिकानों पर GST की दबिश, करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी
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बिल्डर की 12.5 करोड़ की कर चोरी उजागर

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक बिल्डर के खिलाफ जीएसटी विभाग की कार्रवाई में करीब 12.5 करोड़ रुपये की कर चोरी का खुलासा हुआ है। विभाग की टीम ने बिल्डर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर कारोबार और टैक्स से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। करोड़ों रुपये की कथित कर चोरी सामने आने के बाद मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक जीएसटी विभाग को बिल्डर के कारोबार और जमा किए जा रहे टैक्स को लेकर अनियमितता की आशंका थी। इसके बाद विभागीय स्तर पर उपलब्ध रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़ी जानकारी की पड़ताल की गई। संदेह गहराने पर टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान बिल्डर के कारोबार से जुड़े दस्तावेज, जीएसटी रिकॉर्ड, बिक्री और खरीद से संबंधित हिसाब-किताब की जांच की गई। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कारोबार के वास्तविक आंकड़ों और जीएसटी रिटर्न में दर्ज जानकारी के बीच कितना अंतर है। इसी जांच में करीब 12.5 करोड़ रुपये की कर चोरी का मामला सामने आने की बात कही जा रही है। जीएसटी विभाग की कार्रवाई से देहरादून के रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल मच गई। बिल्डर के प्रोजेक्ट और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। विभाग यह जानने का प्रयास कर रहा है कि टैक्स चोरी किस तरीके से की गई और इसमें कितने लेनदेन शामिल हैं।
रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़ी रकम का लेनदेन होने के कारण जीएसटी विभाग की नजर ऐसे कारोबार पर रहती है। निर्माण सामग्री की खरीद, फ्लैट या व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री और अन्य सेवाओं से जुड़े लेनदेन के रिकॉर्ड का मिलान कर टैक्स देनदारी की जांच की जाती है। किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर विभाग संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।
इस मामले में सामने आई 12.5 करोड़ रुपये की रकम को बड़ा माना जा रहा है। जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि टैक्स से संबंधित गड़बड़ी कितने समय से चल रही थी। बिल्डर की ओर से दाखिल किए गए जीएसटी रिटर्न और उपलब्ध कारोबारी रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद कर चोरी की वास्तविक राशि और इससे जुड़े दूसरे पहलुओं की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। अगर जांच में अतिरिक्त अनियमितताएं सामने आती हैं तो कर देनदारी की राशि बढ़ भी सकती है।
जीएसटी विभाग टैक्स चोरी रोकने के लिए कारोबारियों के रिटर्न और वित्तीय लेनदेन की निगरानी करता है। घोषित कारोबार और उपलब्ध रिकॉर्ड में बड़ा अंतर मिलने पर जांच शुरू की जाती है। देहरादून में हुई इस कार्रवाई को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल विभाग बिल्डर से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। करीब 12.5 करोड़ रुपये की कर चोरी सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई जीएसटी नियमों के तहत की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद मामले में टैक्स वसूली, जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
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