उत्तराखंड

GST जांच में खुलासा, रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर 38.90 लाख की टैक्स देनदारी तय

SHIDDHANT
16 Sept 2026 9:23 PM IST
GST जांच में खुलासा, रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर 38.90 लाख की टैक्स देनदारी तय
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Uttarakhand. उत्तराखंड। राज्य कर विभाग की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (SIB) ने हरिद्वार और रुड़की में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच प्रतिष्ठानों की जांच की। जांच के दौरान बिल, खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, स्टॉक विवरण और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े आंकड़ों में गड़बड़ियां सामने आने की बात कही गई है। विभागीय अधिकारियों ने जांच के दौरान GST से संबंधित दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं। जांच पूरी होने के बाद कुल 38.90 लाख रुपये की टैक्स देनदारी निर्धारित की गई है।
पांच प्रतिष्ठानों पर हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, राज्य कर विभाग की विशेष जांच शाखा ने हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में स्थित पांच व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान विभाग की टीम ने बिक्री और खरीद से संबंधित रिकॉर्ड, बिलों और स्टॉक की जानकारी का मिलान किया। इस दौरान कुछ रिकॉर्ड में अंतर पाए जाने की बात सामने आई।
बिल और ITC डेटा में मिली गड़बड़ी
अधिकारियों के अनुसार, जांच में बिलिंग प्रक्रिया, खरीद-बिक्री विवरण और ITC डेटा में अनियमितताएं मिलीं। विभाग ने इन सभी रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू की। ITC यानी इनपुट टैक्स क्रेडिट GST व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें गलत जानकारी या अनियमितता मिलने पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जाती है।
डिजिटल रिकॉर्ड भी किए गए जब्त
राज्य कर विभाग की टीम ने प्रतिष्ठानों से GST से जुड़े दस्तावेजों के साथ डिजिटल रिकॉर्ड भी एकत्र किए हैं। इन रिकॉर्ड की जांच के आधार पर टैक्स संबंधी देनदारी का आकलन किया गया। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टैक्स अनुपालन पर विभाग की नजर
राज्य कर विभाग समय-समय पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड की जांच करता है ताकि GST नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। विभाग का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और रिकॉर्ड में किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करना है। हरिद्वार और रुड़की में हुई इस कार्रवाई के बाद कारोबारियों में भी हलचल है। विभाग आगे भी ऐसे मामलों में जांच जारी रख सकता है।
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