उत्तराखंड

ईद मिलाद-उल-नबी पर खटीमा में निकला भव्य जुलूस, अमन-शांति का दिया संदेश

Kavita2
26 Aug 2026 11:54 AM IST
ईद मिलाद-उल-नबी पर खटीमा में निकला भव्य जुलूस, अमन-शांति का दिया संदेश
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खटीमा। जश्ने ईद मिलाद-उल-नबी के मुबारक मौके पर बुधवार को खटीमा में मुस्लिम समाज के लोगों ने अकीदत और उत्साह के साथ जुलूस निकाला। उमस भरी गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। पूरे रास्ते लोगों में खासा उत्साह नजर आया और धार्मिक नारों से माहौल गूंजता रहा। जुलूस के दौरान लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को याद करते हुए समाज में अमन, भाईचारे और शांति का संदेश दिया।

ईद मिलाद-उल-नबी को लेकर नगर में पहले से ही तैयारियां की गई थीं। प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। जामा मस्जिद, भूड़ महोलिया, सितारगंज रोड, टनकपुर मार्ग और गौटिया जाने वाले मुख्य गेट पर विशेष सजावट की गई। सजावट के चलते इन स्थानों पर पर्व का उत्सवी माहौल देखने को मिला।

नूरी मस्जिद से निकला जुलूस

बुधवार को मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में इस्लामनगर स्थित नूरी मस्जिद में एकत्र हुए। यहां से जुलूस की शुरुआत हुई। जुलूस में बच्चे, युवा और बुजुर्ग समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उमस भरी गर्मी के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और जुलूस पूरे जोश के साथ आगे बढ़ा।

नूरी मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस इस्लामनगर गौटिया होते हुए नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरा और आखिर में जामा मस्जिद पहुंचा। रास्ते में लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। धार्मिक आयोजन को लेकर नगर में विशेष उत्साह देखने को मिला।

जुलूस के दौरान लोगों ने अनुशासन के साथ अपनी भागीदारी निभाई। आयोजन में शामिल लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

मुख्य चौक पर हुई तकरीर

जुलूस के जामा मस्जिद पहुंचने से पहले मुख्य चौक पर मुस्लिम उलेमाओं की ओर से तकरीर की गई। इस दौरान लोगों को पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं के बारे में बताया गया।

मौलाना इरफानुल हक कादरी ने कहा कि समाज के लोगों को नबी पाक के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नबी पाक ने लोगों को अमन और शांति का रास्ता दिखाया। उनके जीवन से इंसानियत, भाईचारे, सद्भाव और जरूरतमंदों की मदद की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने लोगों से धार्मिक शिक्षाओं को अपने व्यवहार और जीवन में उतारने की अपील की। तकरीर के दौरान समाज में आपसी भाईचारा मजबूत करने और शांति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

पैगंबर के जीवन पर डाला प्रकाश

तकरीर के दौरान मौलाना इरफानुल हक कादरी ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नबी पाक का जीवन मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके संदेश में अमन, इंसाफ तथा भाईचारे को प्रमुख स्थान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब ने लोगों को बुराइयों से दूर रहने और अच्छे कार्यों को अपनाने की शिक्षा दी। उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में शांति और आपसी सद्भाव कायम किया जा सकता है।

तकरीर के दौरान पैगंबर साहब की उम्र और उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का भी उल्लेख किया गया। मौलाना ने बताया कि नबी पाक की उम्र 63 वर्ष थी और 40 वर्ष की उम्र में नबी होने का ऐलान हुआ था। उन्होंने लोगों से उनके जीवन और शिक्षाओं को समझने तथा उससे प्रेरणा लेने की अपील की।

उमस के बावजूद नहीं कम हुआ उत्साह

बुधवार को खटीमा में मौसम उमस भरा रहा। इसके बावजूद जुलूस में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों से निकले। सुबह से ही इस्लामनगर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही बढ़ गई थी। नूरी मस्जिद के आसपास भी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।

जुलूस के मार्ग में भी लोगों की मौजूदगी बनी रही। आयोजकों और समाज के लोगों ने पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। जुलूस के दौरान लोगों ने धार्मिक भावना के साथ हिस्सा लिया और अमन-शांति का संदेश दिया।

नगर में रही विशेष सजावट

ईद मिलाद-उल-नबी को लेकर खटीमा के विभिन्न हिस्सों में की गई सजावट ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया। जामा मस्जिद के साथ-साथ भूड़ महोलिया, सितारगंज रोड और टनकपुर मार्ग पर भी सजावट की गई। गौटिया जाने वाले मुख्य गेट को भी विशेष रूप से सजाया गया था।

प्रमुख स्थानों पर की गई रोशनी और सजावट के कारण पर्व का माहौल नजर आया। स्थानीय लोगों ने भी आयोजन में रुचि दिखाई और जुलूस के दौरान लोगों का उत्साह बढ़ाया।

अमन और भाईचारे का संदेश

ईद मिलाद-उल-नबी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश भी प्रमुख रहा। उलेमाओं ने लोगों से समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं का मूल संदेश अमन और इंसानियत से जुड़ा है।

जुलूस में शामिल लोगों ने भी आपसी सद्भाव और शांति के साथ पर्व मनाया। आयोजन के दौरान लोगों में उत्साह और धार्मिक आस्था का माहौल दिखाई दिया।

खटीमा में बुधवार को निकाला गया ईद मिलाद-उल-नबी का जुलूस नूरी मस्जिद से शुरू होकर इस्लामनगर गौटिया और नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जामा मस्जिद पहुंचा। इससे पहले मुख्य चौक पर हुई तकरीर में मौलाना इरफानुल हक कादरी ने नबी पाक की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उमस भरी गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आयोजन में उत्साह भर दिया। सजावट, जुलूस और तकरीर के बीच पूरे आयोजन में अमन, शांति और भाईचारे का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

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