उत्तराखंड

Gopeshwar: पुराने नक्शों के आधार पर होगी वन भूमि की पहचान

Admindelhi1
10 Sept 2026 8:04 PM IST
Gopeshwar: पुराने नक्शों के आधार पर होगी वन भूमि की पहचान
x
पुराने रिकॉर्ड खंगालकर तय की जाएगी वन भूमि

गोपेश्वर: चमोली जिले के सैंजी-लगा डुमक मोटर मार्ग के लिए वन भूमि हस्तांतरण को लेकर उठी आपत्ति का निस्तारण पुराने राजस्व एवं वन अभिलेखों के आधार पर किया जाएगा। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने संबंधित विभागों को वर्ष 1920, 1930 और 1956 के मानचित्रों का मिलान कर वन, राजस्व और सिविल भूमि की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।

ग्रामीणों ने जनता मिलन कार्यक्रम में मोटर मार्ग के वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने गुरुवार को वन विभाग, पीएमजीएसवाई, राजस्व विभाग और ग्रामीण प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मामले की जानकारी ली और सभी पक्षों को सुना।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपत्ति का निस्तारण अनुमान के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर किया जाए। बैठक में वर्ष 1920 के वन विभाग के मानचित्र, 1930 के बंदोबस्ती मानचित्र और 1956 के मानचित्रों का अवलोकन कर संबंधित क्षेत्र में वन, राजस्व और सिविल भूमि की स्थिति का मिलान किया गया।

उन्होंने पीएमजीएसवाई अधिकारियों को फाइनल एलाइनमेंट के अनुसार दर्ज आपत्ति का अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर परीक्षण कर स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी, जोशीमठ को आवश्यक राजस्व संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रकरण का शीघ्र और नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए।

बैठक में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के उप वन संरक्षक रजत सुमन, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित पीएमजीएसवाई, राजस्व विभाग के अधिकारी और ग्रामीण प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Next Story