
Uttarakhand उत्तराखंड : राजनीति के सबसे सख्त, ईमानदार और अनुशासित नेताओं में गिने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेनि) भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई है। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूड़ी ने मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली।
भुवन चंद्र खंडूड़ी का जीवन सेना की वर्दी से लेकर मुख्यमंत्री पद तक अनुशासन और ईमानदारी की मिसाल माना जाता रहा है। भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद तक सेवा देने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने राजनीतिक करियर में खंडूड़ी को एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता था, जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर दिया। उनकी कार्यशैली में सादगी, पारदर्शिता और अनुशासन प्रमुख रूप से दिखाई देता था।
मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कई ऐसे निर्णय लिए, जिन्हें राज्य प्रशासन में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके नेतृत्व में सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के प्रयास किए गए और विकास कार्यों को गति देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
उनके निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उन्हें एक ईमानदार, सशक्त और दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया है।
लंबे समय से बीमार चल रहे खंडूड़ी का इलाज मैक्स अस्पताल में चल रहा था, जहां मंगलवार को उनका निधन हो गया। उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यभर में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जा रहा है, और लोग उन्हें एक सच्चे जनसेवक के रूप में याद कर रहे हैं।





