
देहरादून: तलाक के फर्जी दस्तावेज दिखाकर शादी करने और महिला के साथ कथित रूप से शारीरिक शोषण करने के आरोप में चकराता वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) राजीव नयन नौटियाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को गुरुवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अधिकारी के खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजीव नयन नौटियाल ने शादी से पहले खुद को तलाकशुदा बताया और इसके लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए। महिला का आरोप है कि इन दस्तावेजों पर विश्वास कर उसने आरोपी से विवाह किया, लेकिन बाद में उसे पता चला कि दस्तावेजों में कथित रूप से गड़बड़ी थी।
शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने वैवाहिक संबंध बनाने के दौरान महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया। महिला का आरोप है कि तलाक से जुड़े दस्तावेजों की वास्तविकता अलग थी और आरोपी ने कथित रूप से गलत जानकारी देकर शादी की। इसके बाद महिला ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी और शारीरिक शोषण के आरोप लगाए।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायतकर्ता के बयान और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजीव नयन नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। फिलहाल आरोपी जेल में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की सुनवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी आरोपों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शादी से संबंधित दस्तावेजों में किसी प्रकार की जालसाजी हुई थी या नहीं। इसके अलावा आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच संबंधों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी व्यक्ति ने शादी के लिए जानबूझकर गलत जानकारी दी या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया, तो उसके खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही होगी।
इस मामले के सामने आने के बाद वन विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों में भी चर्चा तेज हो गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ इस तरह के आरोपों ने विभाग की छवि को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, विभाग की ओर से अभी तक इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर लोगों में चर्चा है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। साथ ही शादी से जुड़े दस्तावेजों की सत्यता की जांच संबंधित विभागों और रिकॉर्ड के माध्यम से कराई जा रही है।
महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में शादी से पहले जानकारी छिपाने, फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने और वैवाहिक संबंधों के दौरान शोषण किए जाने जैसी बातें शामिल हैं। पुलिस इन सभी बिंदुओं पर अलग-अलग स्तर से जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई केवल जांच में सामने आए तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाती है। पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और सभी पक्षों के बयान व साक्ष्यों को ध्यान में रखा जाएगा।
फिलहाल राजीव नयन नौटियाल न्यायिक अभिरक्षा में हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। अदालत में सुनवाई के दौरान ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों के समर्थन में कितने ठोस साक्ष्य उपलब्ध हैं। इस मामले ने एक बार फिर विवाह से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, दस्तावेजों की सत्यता और कानूनी सावधानियों के महत्व को सामने ला दिया है।





