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कांग्रेस में सियासी घमासान, हरीश रावत ने रद्द किए नौ रोड शो
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत अपनी 'धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा' को लेकर पार्टी हाईकमान की नाराजगी के बीच दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने प्रदेश में प्रस्तावित अपनी नौ धन्यवाद यात्राओं को स्थगित करने की घोषणा की है। हालांकि, दिल्ली पहुंचने के बावजूद उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात नहीं हो सकी है। इस बीच हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी और भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि करीब 60 साल के राजनीतिक जीवन में पहली बार उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार, हरीश रावत पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा निकाल रहे थे। इस यात्रा के जरिए वह लोगों से संपर्क कर रहे थे। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उनके व्यक्तिगत राजनीतिक कार्यक्रमों पर आपत्ति जताई थी। कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने उन्हें इस संबंध में पत्र भेजकर यात्रा स्थगित करने को कहा था। इसके बावजूद हरीश रावत ने सोमवार, 5 अक्टूबर को जसपुर से हल्द्वानी तक अपनी यात्रा निकाली। पार्टी के निर्देश के बावजूद कार्यक्रम आयोजित करने से कांग्रेस के भीतर मतभेद सामने आए। इसके बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने व्यक्तिगत राजनीतिक अभियानों को लेकर सख्त रुख अपनाया।
नौ धन्यवाद यात्राएं स्थगित करने की घोषणा
हरीश रावत ने बुधवार, 7 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने प्रदेश में नौ और धन्यवाद यात्राओं की योजना बनाई थी। इन यात्राओं के आयोजन के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों को जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई थीं।
अब उन्होंने सभी नौ प्रस्तावित यात्राओं को स्थगित करने का निर्णय लिया है। साथ ही कार्यक्रम स्थगित होने से आयोजकों और कार्यकर्ताओं को हुई परेशानी के लिए माफी भी मांगी है।
60 साल की राजनीति में पहली बार स्पष्टीकरण
हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि 14 अक्टूबर को कांग्रेस से जुड़े उन्हें 58 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इससे पहले भी वह दो वर्षों तक कांग्रेस की युवा गतिविधियों से जुड़े रहे थे।
उन्होंने कहा कि लगभग 60 वर्षों के राजनीतिक जीवन में उनसे पहले कभी इस तरह स्पष्टीकरण नहीं मांगा गया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इतने लंबे राजनीतिक सफर में उनसे गलतियां हुई होंगी, लेकिन पार्टी ने पहले कभी जवाब-तलब नहीं किया।
दिल्ली पहुंचे, लेकिन नहीं हो सकी मुलाकात
पार्टी हाईकमान के साथ बातचीत के लिए हरीश रावत दिल्ली पहुंचे, लेकिन निर्धारित मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा को संदेश भेजकर अगले एक-दो दिनों में मुलाकात का समय मांगा।
बताया गया कि हरीश रावत के दिल्ली पहुंचने में देरी हुई थी। वहीं, कुमारी सैलजा हरिद्वार में पार्टी कार्यक्रम के बाद दिल्ली के बजाय अंबाला रवाना हो गई थीं।
2027 चुनाव से पहले कांग्रेस में मतभेद
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे समय में कांग्रेस नेतृत्व संगठन की एकजुटता और सामूहिक कार्यक्रमों पर जोर दे रहा है।प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने व्यक्तिगत अभियानों के बजाय पार्टी संगठन के माध्यम से गतिविधियां संचालित करने की बात कही है। वहीं, हरीश रावत अपनी जनसंवाद यात्रा को जनता से संपर्क स्थापित करने और कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास बताते रहे हैं। फिलहाल उनकी नौ यात्राएं स्थगित हो गई हैं। अब पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद ही उनके आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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