
रामनगर। बॉलीवुड के मशहूर पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल गुरुवार को उत्तराखंड के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के प्रसिद्ध फाटो पर्यटन जोन पहुंचे। उनका यह दौरा पहले से सार्वजनिक नहीं किया गया था। सुबह अचानक बॉलीवुड के चर्चित गायक को अपने बीच देखकर नेचर गाइड, जिप्सी चालक और वनकर्मी उत्साहित हो गए। इस दौरान वहां मौजूद प्रशंसकों ने जुबिन नौटियाल के साथ तस्वीरें और सेल्फी भी खिंचवाईं। गायक ने भी मुस्कुराते हुए प्रशंसकों का अभिवादन किया और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के अनुरोध स्वीकार किए। इसके बाद वह अपने स्टाफ के तीन सदस्यों के साथ जिप्सी में बैठकर जंगल सफारी के लिए रवाना हुए। सफारी के दौरान उन्होंने फाटो पर्यटन जोन के घने जंगलों और प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लिया। हालांकि, इस दौरान उन्हें बाघ देखने का अवसर नहीं मिल सका।
गुरुवार सुबह अचानक पहुंचे फाटो पर्यटन जोन
जानकारी के अनुसार, जुबिन नौटियाल गुरुवार, 8 अक्टूबर को सुबह की पाली में जंगल सफारी करने के लिए फाटो पर्यटन जोन पहुंचे थे।
उनके पहुंचने की जानकारी पहले से सार्वजनिक नहीं थी। ऐसे में पर्यटन जोन में मौजूद लोगों के लिए उनका आगमन किसी सरप्राइज से कम नहीं था।
जुबिन नौटियाल को देखते ही नेचर गाइड, जिप्सी चालक और वहां मौजूद वनकर्मियों में उत्साह देखने को मिला।
गायक ने भी प्रशंसकों के साथ सहजता से मुलाकात की और कुछ समय उनके साथ बिताया।
इसके बाद वह निर्धारित सफारी वाहन से जंगल की ओर निकल गए।
प्रशंसकों के साथ खिंचवाई तस्वीरें
फाटो पर्यटन जोन में जुबिन नौटियाल की मौजूदगी से वहां मौजूद उनके प्रशंसक बेहद खुश नजर आए।
लोगों ने उनके साथ फोटो और सेल्फी लेने की इच्छा जताई। जुबिन ने भी किसी को निराश नहीं किया और मुस्कुराते हुए तस्वीरें खिंचवाईं।
प्रशंसकों के लिए अपने पसंदीदा गायक से इस तरह अचानक मुलाकात करना यादगार अनुभव रहा।
इस दौरान नेचर गाइड और जिप्सी चालकों ने भी उनके साथ तस्वीरें लीं।
हालांकि, गायक ने वहां कोई औपचारिक कार्यक्रम या सार्वजनिक प्रस्तुति नहीं दी। उनका दौरा मुख्य रूप से जंगल सफारी और प्रकृति का आनंद लेने के लिए था।
स्टाफ के तीन सदस्यों के साथ निकले सफारी पर
प्रशंसकों से मुलाकात करने के बाद जुबिन नौटियाल अपने स्टाफ के तीन सदस्यों के साथ जंगल सफारी के लिए रवाना हुए।
उन्होंने जिप्सी वाहन के जरिए फाटो पर्यटन जोन का भ्रमण किया।
सफारी के दौरान घने जंगलों, पेड़-पौधों और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया।
तराई क्षेत्र के जंगल अपनी जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों को वन्यजीवों के साथ प्राकृतिक वातावरण को करीब से देखने का अवसर मिलता है।
जुबिन की इस यात्रा में भी वन्यजीवों को देखने से अधिक जंगल की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेने का अनुभव प्रमुख रहा।
फाटो रेंज के रेंजर ने दी जानकारी
फाटो रेंज के रेंजर कृपाल सिंह बिष्ट ने जुबिन नौटियाल के जंगल सफारी पर आने की पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि जुबिन सुबह की पाली में फाटो पर्यटन जोन पहुंचे थे। सफारी पूरी करने के बाद वह वापस लौट गए।
रेंजर के अनुसार, गायक ने जंगल की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया, लेकिन इस दौरान उन्हें बाघ दिखाई नहीं दिया।
उनके दौरे से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद प्रशंसकों के बीच भी उत्साह देखने को मिला।
बाघ देखने की इच्छा नहीं हो सकी पूरी
फाटो पर्यटन जोन में सफारी करने आने वाले कई पर्यटकों की इच्छा बाघ देखने की होती है।
जुबिन नौटियाल की सफारी के दौरान भी बाघ के दीदार नहीं हो सके। हालांकि, उन्होंने जंगल के प्राकृतिक वातावरण और सुंदर नजारों का आनंद लिया।
वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनुभव हर सफारी में अलग होता है। किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने की गारंटी नहीं होती।
फाटो रेंज के रेंजर कृपाल सिंह बिष्ट ने स्पष्ट किया कि गायक सफारी समाप्त होने के बाद लौट गए।
प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है फाटो जोन
तराई पश्चिमी वन प्रभाग का फाटो पर्यटन जोन अपनी हरियाली, घने जंगलों और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है।
यह क्षेत्र रामनगर के आसपास विकसित वन्यजीव पर्यटन गतिविधियों का हिस्सा है।
यहां पर्यटक जिप्सी के माध्यम से जंगल सफारी करते हैं और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव प्राप्त करते हैं।
फाटो क्षेत्र में बाघ सहित विभिन्न वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों की रुचि बनी रहती है।
हालांकि, जानवरों को देख पाना उनके प्राकृतिक व्यवहार और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
एक अक्टूबर से फिर शुरू हुई जंगल सफारी
फाटो पर्यटन जोन को मानसून के बाद एक अक्टूबर 2026 से पर्यटकों के लिए दोबारा खोला गया था।
इस मौके पर स्थानीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट और तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ पुनीत तोमर ने सफारी वाहनों को रवाना किया था।
पर्यटन जोन खुलने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
फाटो और हाथी डगर पर्यटन जोन में सफारी शुरू होने से स्थानीय पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी गतिविधियां बढ़ी हैं।
स्थानीय पर्यटन कारोबार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र
फाटो पर्यटन जोन में जंगल सफारी के संचालन से जिप्सी चालकों, नेचर गाइडों और पर्यटन से जुड़े अन्य स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं।
पर्यटक सफारी के लिए स्थानीय वाहनों और गाइडों की सेवाएं लेते हैं।
ऐसे में पर्यटन गतिविधियों का संचालन क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है।
जुबिन नौटियाल जैसे लोकप्रिय गायक का यहां पहुंचना पर्यटन जोन के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकता है।
हालांकि, उनके दौरे के कारण पर्यटकों की संख्या में किसी बदलाव का आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
उत्तराखंड से जुड़ा है जुबिन नौटियाल का रिश्ता
जुबिन नौटियाल मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं और हिंदी फिल्म संगीत में अपनी पहचान बना चुके हैं।
उन्होंने बॉलीवुड में कई लोकप्रिय गीतों को आवाज दी है। उनके गाए रोमांटिक और भावनात्मक गीतों को श्रोताओं का प्यार मिला है।
देशभर में बड़ी संख्या में प्रशंसक होने के कारण उनकी सार्वजनिक मौजूदगी अक्सर लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाती है।
फाटो पर्यटन जोन में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब अचानक उन्हें देखकर स्थानीय गाइड और अन्य लोग खुश हो गए।
प्रकृति के बीच बिताया समय
जुबिन नौटियाल का यह दौरा किसी सार्वजनिक संगीत कार्यक्रम या प्रचार गतिविधि से संबंधित नहीं था।
वह अपने स्टाफ के तीन सदस्यों के साथ जंगल सफारी करने पहुंचे थे।
गायक ने सुबह की पाली में फाटो के प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया और सफारी समाप्त होने के बाद वहां से लौट गए।
इस दौरान उन्होंने प्रशंसकों से मुलाकात भी की।
उनके दौरे की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने अपने व्यस्त सार्वजनिक जीवन से अलग जंगल के शांत वातावरण में समय बिताया।
बाघ नहीं दिखा, लेकिन यादगार रही सफारी
फाटो पर्यटन जोन में जुबिन नौटियाल का अचानक पहुंचना वहां मौजूद लोगों के लिए खास अनुभव बन गया।
नेचर गाइडों, जिप्सी चालकों और वनकर्मियों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। गायक ने भी प्रशंसकों के अनुरोध पर मुस्कुराते हुए सेल्फी लीं।
इसके बाद उन्होंने जंगल सफारी का आनंद लिया।
हालांकि, इस बार उन्हें बाघ देखने का मौका नहीं मिला, लेकिन फाटो के घने जंगलों और प्राकृतिक खूबसूरती का अनुभव उनकी यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहा।
सफारी समाप्त होने के बाद जुबिन नौटियाल अपने साथियों के साथ वापस लौट गए।





