उत्तराखंड

Uttarakhand में फर्जी दवा नेटवर्क का पर्दाफाश, लाखों की नकली दवाएं बरामद

Ratna Netam
19 July 2026 3:51 PM IST
Uttarakhand  में फर्जी दवा नेटवर्क का पर्दाफाश, लाखों की नकली दवाएं बरामद
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Dehradun देहरादून : उत्तराखंड में नकली दवाइयों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने ऊधमसिंहनगर जिले के बाजपुर में एक बड़े नकली एलोपैथिक दवा सिंडिकेट का खुलासा किया है। टीम ने औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में नकली दवाइयां, पैकिंग सामग्री और निर्माण से जुड़े उपकरण बरामद किए हैं।

संयुक्त टीम ने बाजपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोविल बायोटैक पर कार्रवाई की। जांच के दौरान सामने आया कि यहां कथित रूप से प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम और ब्रांड का गलत इस्तेमाल कर नकली एलोपैथिक दवाइयां तैयार की जा रही थीं। टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में ऐसी दवाइयां बरामद कीं, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि वे असली कंपनियों के नाम पर तैयार कर बाजार में भेजी जा रही थीं।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी धीरेंद्र पुत्र ब्रह्म सिंह को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी इस पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह लाइसेंस और दस्तावेजों की आड़ में अवैध तरीके से नकली दवाओं का निर्माण कर रहा था।

एसटीएफ की जांच में पता चला कि आरोपी ने आयुर्वेदिक और फूड लाइसेंस का सहारा लेकर एलोपैथिक दवाओं के निर्माण का काम शुरू किया था। आरोप है कि इसी की आड़ में वह स्टैडमेड, मैकलियोड्स, इंटास और सन फार्मा जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से नकली एलोपैथिक और जीवन रक्षक दवाइयां तैयार कर रहा था।

अधिकारियों के मुताबिक, नकली दवाओं का यह कारोबार लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता था। ऐसी दवाइयों के सेवन से मरीजों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है, क्योंकि इनमें दवा की गुणवत्ता, मात्रा और प्रभाव की कोई गारंटी नहीं होती। खासकर जीवन रक्षक दवाओं की नकली आपूर्ति मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

छापेमारी के दौरान टीम ने दवाओं के अलावा पैकिंग सामग्री, लेबल, रैपर और अन्य सामान भी बरामद किया है। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी मात्रा में नकली दवाइयां तैयार की गईं और उन्हें किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया गया।

एसटीएफ और औषधि प्रशासन विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि नकली दवाइयों की सप्लाई कहां-कहां की गई और इसमें कौन-कौन से डीलर या सप्लायर शामिल थे। इसके लिए आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।

उत्तराखंड एसटीएफ ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नकली दवा कारोबार पर रोक लगाने के लिए राज्य में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में आगे की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नकली दवा नेटवर्क से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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