
उत्तराखंड : उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF), ड्रग विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए कोवियल बायोटेक फैक्ट्री में छापेमारी की। अचानक हुई इस कार्रवाई से फैक्ट्री परिसर में हड़कंप मच गया। जांच टीम ने मौके से लाखों रुपये मूल्य की संदिग्ध अंग्रेजी दवाएं और करीब 100 पेटी हरियाणा निर्मित शराब बरामद की है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि फैक्ट्री परिसर में नियमों के विपरीत गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना मिलने के बाद एसटीएफ, ड्रग विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने योजना बनाकर देर रात फैक्ट्री में प्रवेश किया और तलाशी अभियान शुरू किया।
छापेमारी के दौरान टीम ने फैक्ट्री परिसर और गोदाम की गहन जांच की। तलाशी में बड़ी मात्रा में अंग्रेजी दवाएं मिलीं, जिनके दस्तावेज और वैधता की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दवाओं के संबंध में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनका भंडारण नियमों के अनुसार किया गया था या नहीं। इसके लिए दवाओं के रिकॉर्ड, लाइसेंस और सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
जांच टीम को मौके से करीब 100 पेटी हरियाणा निर्मित शराब भी बरामद हुई। शराब की बरामदगी के बाद आबकारी विभाग और पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि शराब फैक्ट्री परिसर में कैसे पहुंची और इसका इस्तेमाल या सप्लाई किस उद्देश्य से की जानी थी।
संयुक्त टीम ने फैक्ट्री के पूरे गोदाम को अपने कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अभी शुरुआती जांच चल रही है और जैसे-जैसे दस्तावेजों और बरामद सामग्री की जांच आगे बढ़ेगी, मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम फैक्ट्री के संचालन, दवाओं के उत्पादन और भंडारण प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि क्या फैक्ट्री में दवाओं के निर्माण और वितरण के लिए सभी आवश्यक अनुमति और मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
ड्रग विभाग की टीम बरामद दवाओं के नमूने भी जांच के लिए भेज सकती है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि दवाओं की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और उनकी वैधता में कोई अनियमितता तो नहीं है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, शराब बरामदगी के मामले में भी पुलिस और आबकारी विभाग अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इस मामले में भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को उत्तराखंड में अवैध गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। संयुक्त टीम में कई विभागों के अधिकारी शामिल होने से जांच का दायरा भी बढ़ गया है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद इलाके में चर्चा शुरू हो गई है। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल फैक्ट्री और गोदाम की जांच जारी है। बरामद सामग्री का मूल्यांकन किया जा रहा है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में किन लोगों की भूमिका थी और किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं।
पुलिस और संबंधित विभागों का कहना है कि यदि जांच में कोई गंभीर उल्लंघन या अवैध गतिविधि सामने आती है तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संयुक्त टीम पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है और आने वाले समय में इस कार्रवाई से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





