
देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश के नागरिकों को बड़ी सौगात देते हुए सरकारी सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में 'देवभूमि परिवार पोर्टल' का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या यानी 'देवभूमि परिवार आईडी' प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बार-बार दस्तावेज जमा करने और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत दिलाना है। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाने और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान 'विकसित उत्तराखंड विजन-2047' दस्तावेज का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार तकनीक और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। देवभूमि परिवार पोर्टल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके जरिए सरकारी योजनाओं और नागरिकों से संबंधित जानकारी को एकीकृत करने में मदद मिलेगी।
नई व्यवस्था 'एक परिवार, एक पहचान, एक प्लेटफॉर्म' की अवधारणा पर आधारित है। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक परिवार का पंजीकरण किया जाएगा और पंजीकरण पूरा होने के बाद परिवार को एक विशिष्ट पहचान संख्या उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहचान संख्या परिवार से संबंधित आवश्यक जानकारी को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने का माध्यम बनेगी।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नागरिकों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार एक जैसी जानकारी देने की आवश्यकता कम होगी। अभी तक कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को विभिन्न विभागों में दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं। इससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। नई डिजिटल व्यवस्था के प्रभावी होने के बाद इस प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि परिवार आधारित डिजिटल डेटाबेस तैयार होने से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की पहचान करना आसान होगा। इससे जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही एक ही व्यक्ति या परिवार को मिलने वाले विभिन्न योजनाओं के लाभ का विवरण भी व्यवस्थित किया जा सकेगा।
देवभूमि परिवार आईडी के माध्यम से सरकार के पास परिवारों से संबंधित एक एकीकृत डेटाबेस उपलब्ध होगा। इसमें परिवार के सदस्यों से संबंधित निर्धारित जानकारियां व्यवस्थित की जा सकेंगी। इससे सरकारी विभागों के बीच समन्वय बेहतर होने और योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी आसान होने की उम्मीद है।
इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता लाना भी है। कई बार जानकारी के अभाव में पात्र नागरिक योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, जबकि कुछ मामलों में लाभार्थियों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन में कठिनाइयां सामने आती हैं। परिवार पहचान व्यवस्था के माध्यम से ऐसी समस्याओं को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदेश के पर्वतीय और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए यह पहल विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है। उत्तराखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में यदि विभिन्न सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होती हैं तो लोगों के समय और यात्रा संबंधी खर्च में कमी आ सकती है।
सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी परिवारों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में परिवार रजिस्टर जैसी व्यवस्थाएं पहले से मौजूद हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में परिवार आधारित एकीकृत जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नई योजना के जरिए इस अंतर को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
देवभूमि परिवार पोर्टल के प्रभावी संचालन के लिए परिवारों का सही पंजीकरण और उपलब्ध जानकारियों का सत्यापन बेहद महत्वपूर्ण होगा। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित पात्रता के अनुसार सही व्यक्तियों तक पहुंचे।
हालांकि, पोर्टल का शुभारंभ होने के साथ ही सभी सेवाओं में परिवार आईडी का इस्तेमाल अनिवार्य हो गया है, ऐसी कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है। पंजीकरण की विस्तृत प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और विभिन्न योजनाओं से इसके एकीकरण की जानकारी संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम में विकसित उत्तराखंड विजन-2047 को लेकर भी सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर दिया। इस विजन के माध्यम से राज्य को आने वाले वर्षों में आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से अधिक सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं में आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशासन और जनभागीदारी को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार, प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में उत्तराखंड महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
देवभूमि परिवार पोर्टल को राज्य की डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। परिवारों की जानकारी एक ही डिजिटल व्यवस्था में उपलब्ध होने से सरकारी विभागों को योजनाएं तैयार करने और उनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में सहायता मिल सकती है।
इसके अतिरिक्त भविष्य में परिवार आधारित आंकड़ों के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और अन्य विकास योजनाओं की बेहतर रूपरेखा तैयार करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। हालांकि, इस व्यवस्था की सफलता नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, सही जानकारी के संग्रह और पारदर्शी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
फिलहाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा देवभूमि परिवार पोर्टल की शुरुआत को प्रदेश के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस डिजिटल व्यवस्था से सरकारी सेवाएं अधिक सुगम होंगी और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।





