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Dehradun देहरादून। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिटकॉइन इन्वेस्टमेंट कंपनी के मालिक की 8.54 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी किया है, जिसने 2014 से ग्राहकों के साथ लगभग 200 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की थी। ईडी ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए जानकारी दी कि देहरादून सब-जोनल ऑफिस ने पीएमएलए, 2002 के तहत 31 जुलाई को एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया, जिसमें हेमंत ईश्वर शर्मा की संपत्ति को जब्त किया गया। बिटकॉइन इन्वेस्टमेंट कंपनी के मालिक पर आरोप है कि उसने भोले-भाले लोगों को अपनी आइसलैंड में रजिस्टर्ड वेबसाइट बीटीसीफंडडॉटइज पर बिटकॉइन में निवेश करने का लालच देकर धोखा दिया।
ईडी के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एजेंसी ने देहरादून के राजपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी, 1860 के तहत शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। यह एफआईआर बीटीसीफंड.इज वेबसाइट के जरिए निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में दर्ज की गई थी। ईडी ने बताया कि इसी धोखाधड़ी वाली स्कीम के सिलसिले में उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर पुलिस स्टेशन में भी शर्मा और अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत एक और एफआईआर दर्ज की गई थी। ईडी ने कहा कि जांच से पता चला है कि शर्मा, जो अभी न्यायिक हिरासत में है, ने अपनी कंट्रोल वाली वेबसाइट बीटीसीफंड.इज के जरिए बिटकॉइन में निवेश के बहाने लोगों से बड़ी रकम धोखाधड़ी से इकट्ठा की थी।
उसने ज्यादा रिटर्न का वादा करके निवेशकों को लुभाया और झूठा दावा किया कि कई विदेशी नागरिक कंपनी से जुड़े हैं, जिससे यह स्कीम भरोसेमंद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थित लगी। इन झूठे दावों के कारण पूरे भारत से निवेशकों को प्लेटफॉर्म पर पैसे जमा करने के लिए उकसाया गया। ईडी ने बताया कि उसने लगभग 5 साल (2014 से18) तक यह धोखाधड़ी वाली स्कीम चलाई। जब वह लोगों का भरोसा जीतने और वेबसाइट के जरिए काफी मात्रा में बिटकॉइन इकट्ठा करने में कामयाब हो गया, तो उसने अचानक वेबसाइट बंद कर दी, जिससे निवेशक बेबस, ठगा हुआ और धोखा खाया हुआ महसूस करने लगे।
ईडी ने कहा कि ब्लॉकचेन एनालिसिस से लगभग 856.23 बीटीसी (200 करोड़ रुपए) की अपराध से कमाई गई रकम का पता चला, जिसे क्रिप्टो एक्सचेंज के जरिए रियल एस्टेट और गाड़ियां खरीदने तथा अपने घर के रेनोवेशन में इस्तेमाल किया गया था। ईडी ने बताया कि जांच से पता चला है कि शर्मा के पास बीटीसीफंडडॉटइज से मिले फंड के अलावा आय का कोई और जरिया नहीं था, जिसका इस्तेमाल उसने शानदार जीवनशैली जीने के लिए किया। ईडी ने कहा कि अपनी कोई औपचारिक आय न होने के बावजूद, वह दो लग्जरी कारें, देहरादून की एक पॉश लोकेशन पर एक बंगला और देहरादून व आसपास के इलाकों में करोड़ों रुपए की कई अचल संपत्तियां खरीदने और उन्हें बनाए रखने में कामयाब रहा। इससे पहले ईडी ने शर्मा की 4.56 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था।
ईडी ने शर्मा को गिरफ्तार किया था और वह अभी देहरादून की सिद्दोवाला जेल में बंद हैं। बयान के अनुसार, ईडी ने 20 मई को देहरादून की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने 13 जुलाई को संज्ञान लिया।
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