
हरिद्वार। उत्तराखंड में नदियों के तेज बहाव के बीच अलग-अलग हादसों में एक डॉक्टर समेत कई लोगों के बहने की घटनाएं सामने आई हैं। हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान करने पहुंचे सिडकुल स्थित मेट्रो अस्पताल के डॉक्टर उमंग कुमार शर्मा की डूबने से मौत हो गई। दो दिन तक चले तलाश अभियान के बाद उनका शव पथरी पावर हाउस के पास बरामद किया गया।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार ग्रीन कॉलोनी रोशनाबाद निवासी डॉ. उमंग कुमार शर्मा सोमवार को अपने साथियों के साथ हरकी पैड़ी पहुंचे थे। उनके साथ डॉ. नवीन चावला, डॉ. आशीष भटनागर और उत्कर्ष गौतम भी मौजूद थे। सभी लोग गंगा स्नान के लिए हरकी पैड़ी आए थे।
बताया जा रहा है कि स्नान के दौरान अचानक डॉ. उमंग का पैर फिसल गया और वह गंगा के तेज बहाव में बह गए। आसपास मौजूद लोगों और साथियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज धारा के कारण सफलता नहीं मिली।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी अंशुल अग्रवाल ने बताया कि डॉ. उमंग की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया गया। दो दिन की खोजबीन के बाद उनका शव पथरी पावर हाउस क्षेत्र के पास मिला।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की। घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों और परिचितों में शोक की लहर है। परिवार को भी इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है।
वहीं, टिहरी जिले के देवप्रयाग में भी नदी में बहने की एक घटना सामने आई है। यहां भागीरथी नदी के संगम स्थल पर स्नान करते समय गुजरात के भावनगर जिले के बोताद गांव निवासी परमार मन कुमार (23) तेज बहाव में बह गए।
जानकारी के अनुसार, परमार मन कुमार अपने दोस्त के साथ देवप्रयाग घूमने आए थे। इस दौरान वह भागीरथी के संगम पर स्नान करने पहुंचे। बताया जा रहा है कि नदी में स्नान के दौरान सुरक्षा चेन से उनका हाथ छूट गया, जिसके बाद वह पानी के तेज बहाव में बह गए।
घटना के बाद पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश शुरू कर दी। नदी का बहाव तेज होने के कारण बचाव अभियान में परेशानी आ रही है। टीम लगातार नदी के आसपास के क्षेत्रों में खोज अभियान चला रही है।
इसके अलावा पौड़ी जिले के पैठाणी क्षेत्र के बनास गांव के समीप पश्चिमी नयार नदी में भी एक महिला के बहने की सूचना मिली है। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन को अलर्ट किया गया है। महिला की तलाश के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तराखंड में इन दिनों बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार पानी आने से नदियों का बहाव काफी तेज हो जाता है। ऐसे में नदी किनारे जाने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन और पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे नदियों में स्नान करते समय सावधानी बरतें। विशेष रूप से तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
हरिद्वार की हरकी पैड़ी देशभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन कई बार अचानक हुए हादसों में लोगों की जान चली जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नदी में स्नान करते समय सुरक्षा चेन, बैरिकेड और निर्धारित स्थानों का उपयोग करना चाहिए। तेज बहाव वाले क्षेत्रों में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
डॉ. उमंग शर्मा की मौत और देवप्रयाग में युवक के बहने की घटना ने एक बार फिर नदी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम और नदी की स्थिति को देखते हुए ही जल स्रोतों के पास जाएं।
फिलहाल हरिद्वार में डॉक्टर के शव मिलने के बाद पुलिस ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं देवप्रयाग और पौड़ी में नदी में बहे लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
नदी हादसों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी खतरे वाली जगह पर जाने से बचने की अपील की है।





