उत्तराखंड

डाक विभाग की ‘प्रसादम योजना’ से देशभर में कैंची धाम के प्रसाद का वितरण

SHIDDHANT
26 Aug 2025 8:23 PM IST
डाक विभाग की ‘प्रसादम योजना’ से देशभर में कैंची धाम के प्रसाद का वितरण
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NAINITAL नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले स्थित बाबा नीम करौली महाराज का कैंची धाम अब डाक विभाग की ‘प्रसादम योजना’ में शामिल होने जा रहा है। इस योजना के तहत बाबा का प्रसाद, कंबल, लॉकेट और प्रतिमा जैसी वस्तुएं भक्तों के घर तक डाक विभाग की स्पीड पोस्ट और पार्सल सेवा के माध्यम से पहुंचाई जाएंगी। इस फैसले से लाखों भक्तों में उत्साह का माहौल है। हर साल लाखों श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचकर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं, विशेषकर 15 जून के स्थापना दिवस पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है। लेकिन कई भक्त दूरी या अन्य कारणों से धाम तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे भक्तों के लिए यह योजना किसी आध्यात्मिक वरदान से कम नहीं होगी।

डाक विभाग के मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव संजय टम्टा ने बताया कि प्रसाद की पैकिंग स्वच्छता और सुरक्षा मानकों के साथ की जाएगी। इसके लिए पर्यटन विभाग से कैंची धाम के पास ही पैकिंग के लिए कमरा आवंटित करने का अनुरोध किया गया है। पैकिंग पूरी होने के बाद प्रसाद नैनीताल डाकघर से देहरादून भेजा जाएगा और वहां से एयर पार्सल के जरिए देशभर में वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पैकिंग मजबूत और टिकाऊ होगी ताकि प्रसाद लंबी दूरी तक सुरक्षित रह सके। प्रसाद के डिब्बे का आकार और कीमत पैकिंग रूम के आवंटन के बाद तय होगी। भक्त फोन कॉल या वेबसाइट के माध्यम से ऑर्डर कर सकेंगे। इसके लिए डाक विभाग विशेष नंबर और वेबसाइट तैयार कर रहा है। साथ ही, ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

संजय टम्टा ने कहा कि यह पहल उन भक्तों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो किसी कारणवश कैंची धाम नहीं पहुंच पाते। उन्हें अब बाबा का प्रसाद और अन्य वस्तुएं घर बैठे ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उन्हें आध्यात्मिक संतोष का अनुभव होगा। डाक विभाग की यह योजना कैंची धाम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम देगी। इसके साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बाबा नीम करौली महाराज के प्रति आस्था रखने वाले भक्त इस सुविधा से धाम से और गहराई से जुड़े रहेंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पहल डिजिटल इंडिया की भावना को धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है। डाक विभाग का यह कदम न केवल आधुनिक तकनीक और आस्था के बीच सेतु बनाएगा, बल्कि कैंची धाम की महिमा को देश के हर कोने तक पहुंचाने में मदद करेगा।

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