Dineshpur: भाई की मौत से तीन बहनों पर टूटा दुख का पहाड़

दिनेशपुर: दो स्कूटी की भिड़ंत में एक युवक की सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत हो गई। युवक ने हेल्मेट नहीं पहन रखा था। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। अपनी छोटी बहन की सगाई के लिए वह रुपये लेकर घर लौट रहा था। हादसे में दूसरी स्कूटी चालक को मामूली चोट आई है और वह वाहन छोड़कर भाग गया।
महावीर नगर गदरपुर निवासी देवेंद्र राजभर (22) सोमवार रात को बुक्सौरा गांव से अपनी स्कूटी पर घर लौट रहा था। गूलरभोज मार्ग पर बिजली घर के पास सामने से आ रहे स्कूटी सवार ने गलत दिशा में आकर उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी। सड़क पर गिरने से देवेंद्र के सिर पर गंभीर चोट लग गई। 108 एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां परीक्षण के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सौंप दिया।
देवेंद्र राजभर कंबाइन चलाता था और अपनी बहन की सगाई के लिए अपने मालिक से रुपये लेकर आ रहा था। परिजनों के अनुसार देवेंद्र के माता पिता पहले ही गुजर चुके हैं। वह तीन बहनों के बीच अकेला था। दो बहनों की शादी हो चुकी है। तीसरी बहन की शादी का अरमान उसके दिल में ही रह गया। उसने हेल्मेट लगाया होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
इधर दूसरी स्कूटी पर सवार युवक को मामूली चोट आई है और वह वाहन छोड़ मौके से भाग गया। स्कूटी के पंजीयन पर मिले नंबर से पुलिस ने संपर्क करने का प्रयास किया मगर वह बंद मिला। पुलिस उसका पता लगाने की कोशिश कर रही है। संवाद
अब हम किसे राखी बांधेंगे: दिनेशपुर में सोमवार रात हुए हादसे में भाई देवेंद्र की मौत से उसकी तीनों बहनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बहनें रोते हुए कह रही हैं कि अब वह राखी किसे बांधेंगी। किसके साथ अपना सुख-दुख बांटेंगी। उनका करुण क्रंदन सुन हर किसी की आंखें नम हो गईं।
करीब दस वर्ष पूर्व देवेंद्र की मां राजकुमारी और तीन वर्ष पूर्व उसके पिता सर्वजीत की मौत हो चुकी है। माता-पिता की मौत के बाद तीन बहनों के परिवार में देवेंद्र इकलौता भाई था। देवेंद्र की दो बहनों रिंकू और पूनम का विवाह हो चुका है, जबकि राधिका अविवाहित है। अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए देवेंद्र मेहनत मजदूरी करके आजीविका चला रहा था। गेहूं के सीजन के शुरू होने पर देवेंद्र दिनेशपुर क्षेत्र के किसी किसान के यहां कंबाइन चलाने का कार्य कर रहा था। मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद देवेंद्र का ग्राम महावीरनगर के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया





