उत्तराखंड
किसानों के लिए धामी सरकार का बड़ा फैसला फसल नुकसान पर मिलेगी दोगुनी आर्थिक सहायता
Ratna Netam
14 Oct 2026 6:19 PM IST

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देहरादून। उत्तराखंड में हाल ही में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण राहत उपायों की घोषणा की है। राज्य सरकार ने कृषि, बागवानी और गन्ने की फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को निर्धारित आपदा राहत नियमों के तहत मिलने वाली सहायता के बराबर अतिरिक्त आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा प्रभावित किसानों के बिजली बिल के भुगतान को स्थगित करने और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की अदायगी में राहत दिलाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन फैसलों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। विशेष रूप से खेतों में खड़ी धान, गन्ने और बागवानी से जुड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। फसलों को हुए नुकसान के कारण किसानों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं। इसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित किसानों को अतिरिक्त राहत देने का फैसला लिया है।
राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को निर्धारित आपदा राहत मानकों के तहत मिलने वाली सहायता राशि के बराबर अतिरिक्त आर्थिक मदद दी जाएगी। इसका मतलब है कि पात्र किसानों को सामान्य राहत राशि के साथ उतनी ही राशि अतिरिक्त सहायता के रूप में मिलेगी। हालांकि, वास्तविक भुगतान फसल नुकसान के आकलन और निर्धारित पात्रता के आधार पर किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की आर्थिक परेशानियों को कम करना है। फसल खराब होने से किसानों की आय प्रभावित होती है और अगली खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में अतिरिक्त सहायता से किसानों को आगामी कृषि गतिविधियों को जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने केवल फसल नुकसान की भरपाई तक राहत उपायों को सीमित नहीं रखा है। प्रभावित किसानों के बिजली बिलों के भुगतान को भी स्थगित करने की व्यवस्था की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक के बिजली बिलों के भुगतान को टालने का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को तत्काल बिल भुगतान के दबाव से राहत मिल सकेगी। हालांकि, बिल स्थगित करने का अर्थ बिजली शुल्क माफ करना नहीं है। भुगतान की नई समयसीमा और अन्य शर्तें संबंधित आदेशों के अनुसार तय होंगी।
इसके अलावा राज्य सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लिए गए ऋणों की अदायगी में राहत दिलाने के लिए भी पहल की है। सरकार केंद्र से प्रभावित किसानों को KCC ऋण भुगतान में तीन महीने की मोहलत देने का अनुरोध करेगी। इस कदम का उद्देश्य फसल नुकसान झेल रहे किसानों को ऋण की किस्तें चुकाने के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध कराना है।हालांकि, किसान क्रेडिट कार्ड ऋण के भुगतान में राहत केंद्र सरकार और संबंधित वित्तीय संस्थानों की स्वीकृति तथा लागू नियमों पर निर्भर करेगी। फिलहाल इसे सभी किसानों के लिए ऋण माफी या स्वतः लागू मोहलत नहीं माना जा सकता।
गौरतलब है कि 9 अक्टूबर को उत्तराखंड के कई हिस्सों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण और स्थलीय निरीक्षण भी किया था। उन्होंने किसानों से मुलाकात कर नुकसान की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।ओलावृष्टि के कारण कई स्थानों पर कटाई के लिए तैयार फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है, क्योंकि फसलों की पैदावार और गुणवत्ता पर नुकसान का असर पड़ सकता है। राज्य सरकार ने इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएं। कृषि, बागवानी और गन्ने की फसलों को हुए नुकसान के मामलों में निर्धारित आपदा राहत प्रावधानों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।सरकार के सामने अब प्रमुख कार्य प्रभावित किसानों की पहचान, फसलों को हुए नुकसान का आकलन और पात्र किसानों तक राहत राशि पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी करना है। इन प्रक्रियाओं के आधार पर ही किसानों को मिलने वाली वास्तविक सहायता का निर्धारण होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस फैसले से ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है। अतिरिक्त मुआवजे के साथ बिजली बिलों के भुगतान में स्थगन और KCC ऋण अदायगी में प्रस्तावित मोहलत किसानों के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।फिलहाल सरकार की ओर से राहत राशि के वितरण की अंतिम तारीख और सभी प्रभावित किसानों की कुल संख्या की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। आने वाले दिनों में विभागीय आदेशों और नुकसान के आकलन के आधार पर सहायता वितरण की स्थिति स्पष्ट होगी।
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