उत्तराखंड

देहरादून में अवैध मजार पर चला धामी सरकार का बुलडोजर, नेहरू कॉलोनी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Kavita2
29 Oct 2026 2:55 PM IST
देहरादून में अवैध मजार पर चला धामी सरकार का बुलडोजर, नेहरू कॉलोनी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
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देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का सरकारी जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में प्रशासन ने एक और मजार को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त कर दिया। यह मजार हिमगिरी पैलेस के पास स्थित थी और प्रशासन के अनुसार, सड़क मार्ग में बाधा उत्पन्न कर रही थी। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच की और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल करने के साथ नोटिस भी जारी किया था। इसके बाद अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई। देहरादून की एसडीएम अपूर्वा सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि की है।

नेहरू कॉलोनी में अवैध मजार पर प्रशासन की कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में हिमगिरी पैलेस के पास बनी एक मजार को लेकर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि यह संरचना मार्ग में बाधा उत्पन्न कर रही है। इसके कारण आवागमन प्रभावित होने की बात भी सामने आई थी।

शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित भूमि और निर्माण की वैधता की जांच शुरू की। जांच के दौरान प्रशासन ने मजार से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की और नियमानुसार नोटिस जारी किया। इसके बाद संरचना को हटाने की कार्रवाई की गई।

प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

नोटिस जारी करने के बाद हटाई गई संरचना

इस मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि जिला प्रशासन ने निर्माण को ध्वस्त करने से पहले संबंधित दस्तावेजों की जांच की थी। अधिकारियों ने संरचना की वैधता को लेकर उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण किया।

इसके बाद संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मजार को हटाने का निर्णय लिया गया।

हालांकि, नोटिस जारी करने की सटीक तारीख और संबंधित पक्ष की ओर से दिए गए जवाब का विस्तृत विवरण सार्वजनिक रिपोर्टों में उपलब्ध नहीं है।

प्रशासन के अनुसार, सरकारी भूमि पर बिना वैध अनुमति किए गए निर्माण को हटाना अतिक्रमण विरोधी अभियान का हिस्सा है।

स्थानीय लोगों ने की थी शिकायत

नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में स्थित इस संरचना के खिलाफ स्थानीय लोगों ने पहले ही शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत का मुख्य आधार सड़क मार्ग में उत्पन्न हो रही बाधा बताई गई है।

स्थानीय स्तर पर सड़क और सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्रशासन को संबंधित भूमि के रिकॉर्ड की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का अधिकार होता है।

हिमगिरी पैलेस के पास हुई कार्रवाई को भी प्रशासन ने इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। हालांकि, सड़क के कितने हिस्से पर अतिक्रमण था और कितनी भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया, इसका सटीक विवरण अभी सामने नहीं आया है।

एसडीएम अपूर्वा सिंह ने की कार्रवाई की पुष्टि

देहरादून की एसडीएम अपूर्वा सिंह ने नेहरू कॉलोनी में अवैध मजार हटाए जाने की पुष्टि की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्रवाई से पहले भूमि से संबंधित दस्तावेजों की जांच और नोटिस देने की प्रक्रिया अपनाई गई थी।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने संबंधित स्थान को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने की जानकारी दी है।

उत्तराखंड में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज

उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार लंबे समय से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हटाने का अभियान चला रही है। इसके अंतर्गत वन भूमि, राजस्व भूमि और अन्य सरकारी संपत्तियों पर हुए अतिक्रमण की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

राज्य सरकार का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

सरकार ने विभिन्न जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को अवैध कब्जों की पहचान करने और नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। देहरादून के अलावा प्रदेश के अन्य इलाकों में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है।

अब तक 603 अवैध मजारें हटाने का दावा

राज्य सरकार के अभियान को लेकर प्रकाशित रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उत्तराखंड में अब तक 603 अवैध मजारों को हटाया जा चुका है। हालांकि, यह सरकारी दावे पर आधारित संख्या है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

प्रदेश में इससे पहले भी कई स्थानों पर मजारों और अन्य निर्माणों को अवैध बताते हुए हटाया गया है।

22 अक्टूबर को नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के बसई गांव में भी निजी भूमि पर बनी एक मजार को अवैध निर्माण बताते हुए प्रशासन ने ध्वस्त किया था। उस मामले में भी कार्रवाई से पहले नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।

मुख्यमंत्री धामी ने दिए हैं सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विभिन्न अवसरों पर स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

राज्य सरकार का कहना है कि अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करते समय संबंधित भूमि के स्वामित्व और निर्माण की वैधता की जांच की जाती है।

धामी सरकार ने जिलाधिकारियों को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए हैं।

सरकार की ओर से उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी भूमि की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर प्रशासन सख्त

सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का मुद्दा लंबे समय से प्रशासन के सामने चुनौती बना हुआ है। विशेष रूप से सार्वजनिक मार्गों, सरकारी परिसरों और वन क्षेत्रों में निर्माण की वैधता को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं।

ऐसे मामलों में भूमि अभिलेखों की जांच, संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर और लागू कानूनों का पालन महत्वपूर्ण होता है। धार्मिक स्वरूप वाली किसी संरचना के मामले में भी निर्माण की वैधता का निर्धारण भूमि संबंधी नियमों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जाना आवश्यक है।

देहरादून में हुई ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने के अभियान को चर्चा में ला दिया है।

आगे भी जारी रह सकता है अतिक्रमण हटाओ अभियान

नेहरू कॉलोनी में मजार हटाए जाने के बाद अब अन्य संदिग्ध अतिक्रमणों पर भी प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। हालांकि, किसी नए स्थान पर कार्रवाई की आधिकारिक तारीख या सूची फिलहाल सामने नहीं आई है।

देहरादून जिला प्रशासन सरकारी भूमि की सुरक्षा और सार्वजनिक रास्तों को अतिक्रमण मुक्त रखने के उद्देश्य से यह अभियान चला रहा है।

फिलहाल हिमगिरी पैलेस के पास बनी संरचना को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के साथ धामी सरकार ने एक बार फिर सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने की अपनी नीति को आगे बढ़ाया है।

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