
देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने मंगलवार को प्रदेश के विकास, रोजगार, पारदर्शिता और आर्थिक मजबूती को लेकर कई अहम फैसले लिए। सरकार ने एक साथ 18 महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी, जिनका सीधा असर युवाओं, किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और आम लोगों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने की उम्मीद है।
कैबिनेट के इन फैसलों में अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल की स्थापना, शहरी जमीनों के डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरत के अनुसार उपकरणों की खरीद, बिजली उत्पादन बढ़ाने और गांवों में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाना, सरकारी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाना और विकास कार्यों को तेज गति देना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार फैसले ले रही है।
अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल की पहल
कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल बनाने का निर्णय शामिल है। सेना में सेवा देने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह व्यवस्था तैयार की जाएगी। सरकार का मानना है कि सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की क्षमता का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सकता है।
रोजगार सेल के माध्यम से अग्निवीरों को निजी और सरकारी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार अवसरों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराने की योजना है।
शहरी जमीनों का होगा डिजिटल रिकॉर्ड
सरकार ने शहरी क्षेत्रों में जमीनों से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से जमीन संबंधी विवादों में कमी आने और लोगों को पारदर्शी व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।
शहरी जमीनों के दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होने से आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा भूमि से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड की जांच और प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का फैसला
कैबिनेट ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई अहम निर्णय लिए हैं। प्रदेश के अस्पतालों में जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य है कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।
स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता बढ़ने से सरकारी अस्पतालों की क्षमता मजबूत होगी और लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
बिजली उत्पादन बढ़ाने पर जोर
ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है। प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया जाएगा।
उत्तराखंड जल विद्युत उत्पादन की संभावनाओं वाला राज्य है। सरकार का प्रयास है कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में और मजबूत बनाया जाए।
गांवों में सहकारिता व्यवस्था होगी मजबूत
कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय भी लिया है। सरकार का मानना है कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
इससे किसानों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की योजना है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाना है। इसके लिए रोजगार, तकनीक, पारदर्शिता और आधारभूत सुविधाओं पर लगातार काम किया जा रहा है।
सरकार के इन 18 फैसलों को प्रदेश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रोजगार से जुड़े फैसलों से युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं डिजिटल व्यवस्था और आर्थिक सुधारों से प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी जनहित और विकास को प्राथमिकता देते हुए ऐसे फैसले लिए जाते रहेंगे। इन निर्णयों के लागू होने के बाद उत्तराखंड में रोजगार, स्वास्थ्य, ऊर्जा और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।





