उत्तराखंड

Dehradun: शुद्धिकरण विवाद पर यशपाल आर्य ने भाजपा को घेरा, लगाया दलितों के अपमान का आरोप

Admindelhi1
13 Aug 2026 6:14 PM IST
Dehradun: शुद्धिकरण विवाद पर यशपाल आर्य ने भाजपा को घेरा, लगाया दलितों के अपमान का आरोप
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भाजपा पर बरसे यशपाल आर्य, बोले- शुद्धिकरण के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश

देहरादून: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोला है। आर्य ने इसे शर्मनाक, घृणित और निंदनीय बताते हुए कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि गरीबों, दलितों, शोषितों का अपमान है।

यशपाल आर्य ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि किसी सार्वजनिक मंच या मैदान की पवित्रता किसी व्यक्ति की जाति, वर्ग या राजनीतिक विचारधारा से तय नहीं होती। लोकतंत्र में सार्वजनिक मैदान जनता के होते हैं और वहां अलग-अलग राजनीतिक दलों की सभाएं होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद स्थान का ‘शुद्धिकरण’ करना छुआछूत और ऊंच-नीच जैसी पुरानी कुरीतियों को बढ़ावा देने वाली मानसिकता को दर्शाता है।

आर्य ने कहा कि उत्तराखंड सामाजिक समरसता, भाईचारे और लोकतांत्रिक चेतना की भूमि रहा है। हल्द्वानी जैसे शहर में इस तरह की घटना सामने आना प्रदेश की सामाजिक एकता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे देश के वरिष्ठ जननेताओं में शामिल हैं और उनका सार्वजनिक जीवन संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष को समर्पित रहा है। ऐसे नेता की सभा के बाद मैदान का ‘शुद्धिकरण’ सामाजिक बराबरी की उस भावना का अपमान है, जिसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अनेक महापुरुषों ने जीवनभर संघर्ष किया।

यशपाल आर्य ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। संविधान की मूल भावना सामाजिक भेदभाव को समाप्त कर सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देने की है। ऐसे में सार्वजनिक रूप से किए जाने वाले इस तरह के प्रतीकात्मक कृत्य समाज में गलत संदेश देते हैं और सामाजिक सद्भाव को कमजोर करते हैं।

उन्होंने कहा कि देश और समाज को आगे ले जाने के लिए छुआछूत, भेदभाव और ऊंच-नीच की मानसिकता को पीछे छोड़ना होगा और समानता, सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत करना होगा।

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