
Dehradun देहरादून : सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बजरंग दल से जुड़े कुछ कार्यकर्ता देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक फुटवियर शोरूम में हंगामा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है और मामले की जांच की मांग उठ रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह घटना गुरुवार को उस समय हुई जब कुछ लोग शोरूम के अंदर पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ विवाद शुरू हो गया। वायरल वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि दो कर्मचारियों के नाम टैग पर “जिहादी” लिखा गया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने शोरूम प्रबंधन पर हिंदू कर्मचारियों के साथ भेदभाव और उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर अभी विस्तृत पुष्टि नहीं हुई है।
Hindutva mob entered Shoes showroom, wrote “jihadi” on name badges of 2 Muslim employees, alleging that they concealed their names to mislead Hindus in Dehradun, UK.The incident began after Hindu man approached Bajrang Dal, claiming that he had been forced to resign over theft. pic.twitter.com/VpAJXTHM5h
— Waquar Hasan (@WaqarHasan1231) May 16, 2026
बजरंग दल के उत्तराखंड राज्य संयोजक Vikas Verma ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि संगठन को शिकायत मिली थी कि आउटलेट में हिंदू कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी शिकायत के आधार पर कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे।
वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने इसे अनुशासनहीनता बताया है, जबकि कुछ ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फुटवियर आउटलेट प्रबंधन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। वहीं, स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी वीडियो की सत्यता और घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और यदि कोई नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि शोरूम में उस दिन वास्तव में क्या स्थिति बनी थी।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





