उत्तराखंड

Dehradun: मॉक ड्रिल से परखी गई सुरक्षा व्यवस्था

Admindelhi1
25 April 2026 1:29 PM IST
Dehradun: मॉक ड्रिल से परखी गई सुरक्षा व्यवस्था
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देहरादून: एयर अटैक की स्थिति से निपटने के लिए देहरादून में शुक्रवार रात्रि मॉक ड्रिल आयोजित की गई। निर्धारित मानकों के अनुसार सूचना मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आपातकालीन व्यवस्था की तत्परता का परीक्षण किया गया।

पुलिस कंट्रोल रूम से रात्रि 10:05 बजे एयर अटैक की सूचना प्राप्त होते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (ईओसी) सक्रिय किया गया और इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 10:05 से 10:35 बजे तक पूर्ण ब्लैकआउट सुनिश्चित किया गया।

इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के माध्यम से दूरसंचार, मोबाइल, वायरलेस एवं हॉटलाइन के जरिए सतत संपर्क बनाए रखा गया। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी कंट्रोल रूम में तैनात रहकर स्थिति की निगरानी करते रहे। सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों को भी राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान शहर के चार स्थान- घंटाघर, डील रायपुर, आराघर और आईएसबीटी को प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया। आईएसबीटी क्षेत्र में रात्रि 10:34 बजे बम विस्फोट की काल्पनिक घटना दर्शाई गई, जिसमें 4 मृतक, 6 गंभीर घायल और 5 सामान्य घायल दिखाए गए। घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए दून चिकित्सालय भेजा गया।

आराघर क्षेत्र में 10:36 बजे बम गिरने की सूचना पर एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस डिस्पोजल (ईओडी) टीम ने बम को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। वहीं, घंटाघर क्षेत्र में बमबारी से निकटवर्ती पुलिया के क्षतिग्रस्त होने व बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति दर्शाई गई, जिसकी बहाली के लिए संबंधित विभागों ने कार्रवाई शुरू की।

डील रायपुर और आराघर क्षेत्रों में किसी प्रकार की जनहानि नहीं दर्शाई गई। सभी प्रभावित स्थलों पर सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अर्द्धसैनिक बल, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने समन्वित रूप से राहत एवं बचाव कार्य किए।

सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की तैनाती भी सभी स्थानों पर की गई, जिनमें घंटाघर और आराघर में 52-52, आईएसबीटी में 36 और डील रायपुर में 12 स्वयंसेवक शामिल रहे।

यह मॉक ड्रिल केन्द्र सरकार के निर्देशों के तहत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारी, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना था, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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