उत्तराखंड

देहरादून में मौसम का डबल अटैक दिन में तेज धूप, सुबह-शाम ठंड

Kavita2
21 Oct 2026 10:09 AM IST
देहरादून में मौसम का डबल अटैक दिन में तेज धूप, सुबह-शाम ठंड
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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दिन में चटख धूप और गर्मी का अहसास हो रहा है, जबकि सुबह और शाम के समय ठंड महसूस होने लगी है। दिन और रात के तापमान में करीब 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। खासकर त्योहारी सीजन में मौसम का यह उतार-चढ़ाव स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका बढ़ा सकता है। चिकित्सकों ने लोगों को बदलते मौसम में सावधानी बरतने, खानपान का ध्यान रखने और सुबह-शाम ठंड से बचाव करने की सलाह दी है।

दिन में गर्मी, सुबह-शाम ठंड का अहसास

देहरादून में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। सुबह के समय हल्की ठंड महसूस होती है, लेकिन सूरज निकलने के बाद तापमान बढ़ने लगता है।

दोपहर में चटख धूप के कारण गर्मी का अहसास होता है। वहीं, शाम ढलते ही तापमान में गिरावट आने लगती है और वातावरण ठंडा होने लगता है।

मौसम के इस बदलते स्वरूप के कारण लोगों को दिनभर कपड़ों और दैनिक गतिविधियों में बदलाव करना पड़ रहा है।

विशेष रूप से सुबह जल्दी घर से निकलने वाले और देर शाम तक बाहर रहने वाले लोगों को तापमान के अंतर का सामना करना पड़ रहा है।

दिन और रात के तापमान में 15 डिग्री का अंतर

राजधानी में दिन और रात के तापमान के बीच करीब 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर बना हुआ है।

तापमान में इतना अंतर होने से सुबह, दोपहर और रात के समय मौसम अलग-अलग महसूस हो सकता है।

दोपहर की गर्मी को देखते हुए लोग हल्के कपड़े पहनकर घर से निकलते हैं, लेकिन शाम के समय ठंड बढ़ने पर परेशानी महसूस कर सकते हैं।

हालांकि, केवल तापमान का अंतर किसी बीमारी का प्रत्यक्ष कारण नहीं होता। मौसम में बदलाव के दौरान श्वसन संक्रमण, एलर्जी और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण अधिक महसूस हो सकते हैं।

इसी वजह से चिकित्सक लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

सर्दी-जुकाम और गले की परेशानी से रहें सतर्क

बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और गले में खराश जैसी शिकायतों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।

ये समस्याएं अक्सर वायरल संक्रमण या एलर्जी से जुड़ी होती हैं। ठंडी और शुष्क हवा कुछ लोगों में गले तथा नाक की परेशानी बढ़ा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम बदलने के दौरान पर्याप्त आराम, संतुलित भोजन और स्वच्छता का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।

खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक ढकना तथा नियमित रूप से हाथ साफ करना संक्रमण फैलने की आशंका कम करने में मदद करता है।

यदि बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।

बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत

मौसम के बदलते मिजाज में छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

बच्चे अक्सर दिन में खेलते समय गर्मी के कारण हल्के कपड़े पहनते हैं। लेकिन शाम के समय तापमान गिरने पर उन्हें अतिरिक्त कपड़ों की आवश्यकता हो सकती है।

वहीं, बुजुर्गों में पहले से मौजूद श्वसन और हृदय संबंधी समस्याएं ठंड के दौरान अधिक परेशानी पैदा कर सकती हैं।

ऐसे लोगों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनने और अपनी नियमित दवाइयां चिकित्सक की सलाह के अनुसार लेने की जरूरत है।

बच्चों या बुजुर्गों में सांस फूलने, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।

त्योहारी सीजन में बढ़ सकती है लापरवाही

त्योहारी सीजन के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।

खरीदारी, धार्मिक आयोजनों और पारिवारिक कार्यक्रमों के दौरान लोग लंबे समय तक घर से बाहर रहते हैं।

दिन में गर्मी और शाम को ठंड होने के कारण मौसम के अनुसार तैयारी करना जरूरी है।

त्योहारों के दौरान देर रात तक जागना, पर्याप्त नींद न लेना और अनियमित खानपान भी स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

चिकित्सकों की सलाह है कि त्योहारों का आनंद लेने के साथ पर्याप्त नींद, स्वच्छ भोजन और पानी का ध्यान रखा जाए।

अस्थमा और एलर्जी के मरीज रखें ध्यान

मौसम में बदलाव के दौरान अस्थमा और एलर्जी से परेशान लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है।

ठंडी हवा, धूल और अन्य पर्यावरणीय कारक कुछ मरीजों में खांसी, छींक या सांस संबंधी लक्षण बढ़ा सकते हैं।

अस्थमा के मरीजों को चिकित्सक द्वारा निर्धारित इनहेलर और अन्य दवाओं का नियमित इस्तेमाल करना चाहिए।

बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं को बंद करना या उनकी मात्रा बदलना उचित नहीं है।

यदि सांस लेने में गंभीर परेशानी हो या निर्धारित राहत देने वाली दवा से आराम न मिले, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

सुबह की सैर करने वाले भी बरतें सावधानी

देहरादून में सुबह की सैर और व्यायाम करने वाले लोगों को भी बदलते मौसम का ध्यान रखना चाहिए।

सुबह के समय ठंड महसूस होने पर मौसम के अनुसार कपड़े पहनना उपयोगी हो सकता है।

व्यायाम शुरू करने से पहले हल्का वार्मअप करना और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार गतिविधि करना बेहतर रहता है।

अस्थमा या अन्य श्वसन संबंधी समस्या वाले लोगों को ठंडी हवा में व्यायाम करने से परेशानी होती है, तो उन्हें चिकित्सक की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या तय करनी चाहिए।

इसके अलावा दिन में धूप तेज होने पर पर्याप्त पानी पीना भी आवश्यक है।

खानपान और पानी का रखें विशेष ध्यान

मौसम में बदलाव के दौरान संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

दिन में गर्मी महसूस होने के बावजूद कई लोग पानी कम पीने लगते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

मौसमी फल, सब्जियां, दालें और पौष्टिक भोजन शरीर की सामान्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं।

त्योहारी सीजन में अधिक तला-भुना भोजन खाने से कुछ लोगों को पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।

ऐसे में भोजन की मात्रा और गुणवत्ता का ध्यान रखना उपयोगी है।

मौसम के अनुसार कपड़े पहनना जरूरी

दिन और रात के तापमान में अंतर को देखते हुए कपड़ों का चुनाव सावधानी से करना चाहिए।

सुबह और शाम के समय हल्के गर्म कपड़े उपयोगी हो सकते हैं, जबकि दोपहर में तापमान बढ़ने पर आरामदायक कपड़े पहने जा सकते हैं।

जो लोग सुबह घर से निकलकर देर शाम लौटते हैं, वे अपने साथ अतिरिक्त जैकेट या स्वेटर रख सकते हैं।

इससे बदलते तापमान के अनुसार कपड़ों में बदलाव करना आसान होगा।

लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से लें सलाह

चिकित्सकों के अनुसार, सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षण होने पर भी स्वास्थ्य की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

यदि तेज बुखार बना रहे, खांसी लगातार बढ़े, सीने में दर्द हो या सांस लेने में परेशानी आए, तो चिकित्सक से संपर्क करना आवश्यक है।

विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों में गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बिना सलाह के एंटीबायोटिक लेना भी उचित नहीं है, क्योंकि सामान्य वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक प्रभावी नहीं होतीं।

बदलते मौसम में सावधानी ही सबसे बेहतर उपाय

देहरादून में दिन की चटख धूप और सुबह-शाम की ठंड के बीच तापमान का अंतर लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है।

त्योहारी सीजन में बाहर निकलने वाले लोगों के लिए मौसम के अनुसार कपड़े पहनना, पर्याप्त पानी पीना, नियमित नींद लेना और स्वच्छता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

दिन और रात के तापमान में करीब 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर होने के कारण चिकित्सकों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी समस्याओं से परेशान लोगों को बदलते मौसम में अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

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