उत्तराखंड

Dehradun: भारत-नेपाल की परंपराओं ने गोरखा महोत्सव में बिखेरा रंग

Admindelhi1
2 Nov 2025 4:25 PM IST
Dehradun: भारत-नेपाल की परंपराओं ने गोरखा महोत्सव में बिखेरा रंग
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देहरादून: तीन दिवसीय गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2025 के दूसरे दिन भी शनिवार को भारत—नेपाल का अनूठा संगम देखने को मिला। महोत्सव में गोरखा संस्कृति की धूम रही। नेपाली गीतों पर दर्शक जमकर झूमे। महोत्सव में नेपाली हस्तकला से बने उत्पादों की खूब खरीदारी की गई।

शनिवार को गढ़ी कैंट स्थित महेंद्रा ग्राउंड में वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से आयोजित महोत्सव में दूसरे दिनपर्यटन व संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सांस्कृतिक संध्या की शोभा बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बढ़ाते हुए दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर गोरखाली पुरुष कलाकारों ने खुखरायन प्रस्तुति देते हुए अपनी सेना के शौर्य को पूरे जोश के साथ मंच पर दर्शाया और देश के प्रति जोश, उत्साह का शानदार प्रदर्शन किया। पर्वतारोही कैप्टन प्रवीन थापा व शिक्षा और इंडस्ट्री के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले ओलम्पस स्कूल के चेयरमैन व फिल्म निदेशक कुणाल शमशेर मल्ला को गोरखा एचीवर अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक संध्या में बाल कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुति गुरु वन्दना कत्थक नृत्य से हुई। सिंधुली महिला कलाकारों की आकर्षक आराधना प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। महोत्सव में दूर दराज से आए लोगों ने देर शाम तक मेले का आनन्द लेते रहे।

गोरखा समुदाय की पारंपरिक वेशभूषा,आकर्षक परिधान और उसकी पारंपरिक भव्यता के साथ मेले में उत्साह देखते ही बन रहा था। मेले में कलाकारों की ओर से कॉमेडी को प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। र्गोखाली भाषा में हुई प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने जहां समाज में फैली कुरीतियों को दर्शाकर उनका विरोध करने का संकल्प लिया, तो वहीं अच्छाइयों को अपनाने पर भी ध्यान केन्द्रित किया।

आज महोत्सव में खुकरी डांस भी पेश किया गया, वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से कौड़ा डांस अनुष्का, निशा सहित अन्य कलाकारों ने प्रस्तुति दी। इसके अलावा लाइव नेपाली बैंड की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। महोत्सव में विभिन्न स्टॉल्स भी लगाए गए हैं, जिनमें पारंपरिक व्यंजन, मनोरंजन के खेल और झूले शामिल हैं। मेले में ढाका धागा से बने उत्पाद ढाका टोपी, नेपाली साड़ी, घलक, लुंगी व नेपाली परिधानों की खूब खरीदारी की गई।

वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच बेटी और रोटी का संबंध है और यह उत्सव इसी संबंध को जागृत करता है और यह मेल अपनी संस्कृति को बचाने के लिए एक संघर्ष है। महोत्सव में सभी गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी एवं नेपाल के पारंपरिक भोजन एवं परिधान से परिचित हो रहे हैं और संस्कृति का आनंद भी ले रहे हैं। मेले का समापन रविवार रात को होगा।

मेला कार्यक्रम में वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उर्मिला तमांग,उपाध्यक्ष सूर्य बिक्रम शाही, महासचिव विशाल थापा, कोषाध्यक्ष/मीडिया प्रभारी टेकु थापा, सचिव देविन शाही, सह-सचिव आशु थापा, सांस्कृतिक सचिव देव कला दिवान, सह सांस्कृतिक सचिव करमिता थापा, संगठन मंत्री लोकेश बन, सोनु गुरुंग, सदस्य पूरन बहादुर थापा, यामु राना, सोना शाही, ज्योति राना, बबिता गुरुंग,एनबी थापा, बुद्धेश राई, मीन गुरुंग, मौजूद रहे।

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