
देहरादून: देहरादून वन प्रभाग की थानों रेंज में बुधवार को व्यापक अंतर-विभागीय वनाग्नि मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास मुख्य वन संरक्षक (वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन) के निर्देशों के क्रम में वनाग्नि काल से पूर्व तैयारियों के आकलन और समन्वय क्षमता की जांच के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य वनाग्नि की स्थिति में विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा संसाधनों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था। अभ्यास में राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग,राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीएल), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), लोक निर्माण विभाग सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, वन पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी विभाग अपने-अपने संसाधनों और उपकरणों के साथ उपस्थित रहे।
प्रातः लगभग 11:30 बजे फॉरेस्ट फायर मोबाइल ऐप के माध्यम से वनाग्नि की सूचना प्राप्त हुई। निर्देशांकों के आधार पर फायर क्रू स्टेशन थानों से चार सदस्यीय टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मार्ग में अवरोध और आग के तीव्र फैलाव की सूचना पर लोक निर्माण विभाग, ऋषिकेश को मार्ग अवरोध हटाने के निर्देश दिए गए तथा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी सक्रिय किया गया।
संभावित ट्रैफिक जाम एवं भीड़ को देखते हुए थाना रानीपोखरी पुलिस द्वारा यातायात और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था की गई। अग्निशमन विभाग ने फायर टेंडर के माध्यम से आग पर नियंत्रण की कार्रवाई की। संयुक्त प्रयासों से लगभग 12:15 बजे आग पर पूर्ण नियंत्रण पा लिया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान तेज हवा से उठी लपटों की चपेट में आने से दो फायर क्रू सदस्य घायल हो गए। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीम ने तत्परता से उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार प्रदान कर एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, थानों भेजा, जहां उपचार के बाद उन्हें सुरक्षित घर भेज दिया गया। अभ्यास के उपरांत स्टेजिंग एरिया में सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मॉक एक्सरसाइज का विश्लेषण कर भविष्य में अंतर-विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया।
प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि यह मॉक ड्रिल वनाग्नि प्रबंधन एवं नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वनाग्नि सत्र 2026 के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, जिससे वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने स्थानीय जनता से वनाग्नि के दौरान वन विभाग का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जनसहभागिता से ही वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, स्वयं सहायता समूह और वन पंचायत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





