Dehradun: दून में बारिश से निपटने के लिए प्रशासन ने कसी कमर

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनजर देहरादून जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को तत्काल राहत एवं पुनर्स्थापन कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) परमेंद्र सिंह डोबाल ने भी सभी थाना क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाते हुए पुलिस टीमों को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार देहरादून और पर्वतीय क्षेत्रों में जारी मूसलाधार बारिश को देखते हुए सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार भ्रमणशील हैं। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किनारे रहने वाले लोगों को लाउड हेलर के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है और नदी-नालों के समीप नहीं जाने की अपील की जा रही है। खतरे वाले स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का कार्य भी किया जा रहा है।
श्रीनगर बांध से पानी छोड़े जाने के कारण ऋषिकेश क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने गंगा घाटों पर निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस टीमों द्वारा घाटों पर लगातार गश्त कर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मसूरी रोड स्थित पानी वाला बैंड के समीप क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क को जल्द से जल्द बहाल किया जाए और 15 दिन के भीतर दो लेन मार्ग का कार्य पूरा किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि 10 से 15 दिनों के भीतर दो लेन यातायात व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के कारण जहां-जहां सड़कें, रास्ते और अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां तत्काल मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कार्य शुरू किए जाएं, ताकि आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने रायपुर विधायक उमेश शर्मा के साथ मालदेवता, सोडा सरौली, आईटी पार्क-सहस्त्रधारा रोड, मालदेवता रोड और पुलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से क्षति की जानकारी लेते हुए राहत और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दें।





