उत्तराखंड

Dehradun: मसूरी में तेज आंधी से अफरा-तफरी, पेड़ टूटकर मकानों में घुसे

Admindelhi1
30 May 2026 2:21 PM IST
Dehradun: मसूरी में तेज आंधी से अफरा-तफरी, पेड़ टूटकर मकानों में घुसे
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"उत्तराखंड के मसूरी में तूफान का असर, कई जगह पेड़ गिरे और नुकसान"

देहरादून: मसूरी में देर शाम तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने से भवनों को नुकसान पहुंचने और सड़काें के बाधित होने की सूचना मिली है। नगर के बीएसएनएल कार्यालय की छत उड़कर सड़क पर गिरी। गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

मसूरी में तेज आंधी पानी के बाद विद्युत सेवा और पेयजल सेवा भी प्रभावित हो गई है जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान माल रोड स्थित बीएसएनएल कार्यालय काे हुआ है। तेज तूफान के चलते बीएसएनएल कार्यालय की टिन की छत उड़कर मुख्य सड़क पर आ गिरी। कार्यालय परिसर के पास खड़ा एक बड़ा पेड़ भी टूटकर भवन पर गिर पड़ा। गनीमत रही कि उस समय सड़क पर काेई नहीं था, वरना बड़ा हादसा हाे सकता था।

तेज आंधी से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर जान बचाई। कैमल बैक रोड क्षेत्र में भी तूफान का कहर देखने को मिला। रघुवीर निवास के पास एक विशाल पेड़ अचानक भरभराकर मकान पर गिर गया। उस समय घर के अंदर परिवार के लोग मौजूद थे, लेकिन संयोग अच्छा रहा कि सभी लोग बाल-बाल बच गए। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। इसके अलावा दुगगल विला, हुसैनगंज, तिलक रोड ,बीएसएनएल कार्यालय क्षेत्र और अन्य इलाकों में भी पेड़ गिरने व संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

मसूरी के सभी स्थानों पर बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हैरातभर लोग दहशत में जागते रहे। घटना की सूचना मिलने पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने अधिकारियों और सभासदों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने नुकसान का जायजा लेते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि मसूरी के कई क्षेत्रों, विशेषकर पॉश इलाकों में सूखे और खतरनाक पेड़ों को हटाने तथा उनकी लॉपिंग कराने की मांग लंबे समय से वन विभाग से की जा रही है, लेकिन विभाग इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सूखे पेड़ों को हटाने की कार्रवाई की जाती तो इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता था। उन्होंने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार चेतावनी के बावजूद विभाग का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं जा रहा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी में हर बरसात के मौसम में सूखे और जर्जर पेड़ खतरा बने रहते हैं।

तेज बारिश और तूफान के दौरान ये पेड़ कभी भी गिर सकते हैं, जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल संयुक्त अभियान चलाकर खतरनाक पेड़ों को चिन्हित कर हटाने की मांग की है।

मौसम खराब होने के कारण देर रात तक कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित रही। नगर पालिका और प्रशासन की टीमें मलबा और गिरे पेड़ों को हटाने में जुटी रहीं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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