उत्तराखंड

Dehradun: उत्तराखंड विधानसभा में विशेषाधिकार पर हुई जोरदार बहस

Admindelhi1
10 March 2026 8:22 PM IST
Dehradun: उत्तराखंड विधानसभा में विशेषाधिकार पर हुई जोरदार बहस
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देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस के धारचूला से सदस्य हरीश धामी, हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र से सदस्य अनुपमा रावत तथा भाजपा सदस्य प्रदीप बत्रा ने विशेषाधिकार का मुद्दा उठाते हुए सरकारी अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाये। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने इन मामलों का परीक्षण कराने के निर्देश दिए।

सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला से सदस्य हरीश धामी ने विशेषाधिकार हनन के तहत आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़ा एक मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि धारचूला में आपदा प्रबंधन से कार्यों और इसमें हुए खर्च की जानकारी उन्होंने विभाग से मांगी थी। इसका कोई जवाब नहीं मिला। फोन करने पर अफसरों ने फोन नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि सदस्य जब अफसर के कार्यालय में जाते हैं तो उन्हें चोर गुंडे की तरह समझा जाता है और उचित प्रोटोकॉल तो दूर सीधी तरह बात भी नहीं की जाती है। धामी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के माध्यम से आपदा प्रबंधन विभाग को इस संबंध में जानकारी देने के लिए पत्र लिखा गया, लेकिन इसका कोई जवाब नहीं मिला। उनहोंने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ पीठ से निर्देश जारी करने की मांग की।

हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र से सदस्य अनुपमा रावत ने कहा कि 16 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की सूचना उन्हें समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें आधिकारिक कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया जाता। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने विषय का परीक्षण कराए जाने को कहा। संसदीय मंत्री सुबोध उनियाल ने आश्वासन दिया कि सभी तथ्यों की जांच के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। उनियाल ने समिति गठन की बात सदन में कही।

वहीं, सदन में भाजपा सदस्य प्रदीप बत्रा ने कहा कि उन्होंने एक वर्ष पूर्व रुड़की के मुख्य नगर अधिकारी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस सदन में दिया था, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने इस मामले में भी शीघ्र निर्णय की मांग की।

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