उत्तराखंड

Kedarnath हाईवे पर पत्थर गिरने का खतरा, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाई गई

Ratna Netam
18 July 2026 6:28 PM IST
Kedarnath हाईवे पर पत्थर गिरने का खतरा, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाई गई
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Rudraprayag रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होते ही केदारनाथ धाम समेत पूरी केदार घाटी और रुद्रप्रयाग जिले के कई क्षेत्रों में लगातार बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है।

केदारनाथ हाईवे और पैदल यात्रा मार्ग पर बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने की संभावना बनी हुई है। मानसून के दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में तैनात कर दी गई हैं।

अधिकारियों के अनुसार, जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। वहीं जिला आपदा नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर मौसम की स्थिति, सड़क मार्गों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है।

केदारनाथ धाम की यात्रा को देखते हुए प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। भारी बारिश के दौरान यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए यात्रा मार्गों की नियमित जांच की जा रही है। पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करें और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

प्रशासन ने स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक जोखिम न उठाएं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अचानक भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए यात्रियों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

केदार घाटी में लगातार बारिश से नदियों और गदेरों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

रुद्रप्रयाग प्रशासन ने सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े विभागों को भी सक्रिय रहने को कहा है। जहां भी सड़क मार्ग बाधित होने की संभावना है, वहां मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है, ताकि रास्तों को जल्द से जल्द सुचारु किया जा सके।

मानसून के दौरान उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में हर साल भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से तैयारियों में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

फिलहाल केदार घाटी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश जारी है। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।

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