
बदरीनाथ धाम: चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब भगवान बदरी विशाल को मिलने वाले चढ़ावे की गणना एक पारदर्शी हॉल में की जाएगी। इसके लिए गणना हॉल की फ्रंट दीवार पर शीशे लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालु भी मंदिर की परिक्रमा के दौरान चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया को देख सकें।
बीकेटीसी की ओर से यह कदम चढ़ावा गणना में सामने आई कथित अनियमितताओं के बाद उठाया गया है। मंदिर समिति का उद्देश्य है कि चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत हो। नए सिस्टम के तहत गणना हॉल में प्रवेश करने वाले अधिकारी, कर्मचारी और अन्य लोगों की जांच भी की जाएगी।
बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि अब श्रद्धालु मंदिर की परिक्रमा करते समय गणना प्रक्रिया को अपनी आंखों से देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि गणना कार्य में शामिल सभी लोगों के लिए जल्द ही ड्रेस कोड भी लागू किया जाएगा। यह फैसला गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता वाली जांच समिति के सुझावों के आधार पर लिया जा रहा है।
नए पारदर्शी हॉल में शीशे की दीवार के साथ ऊपरी हिस्से में जाली भी लगाई गई है। इसका उद्देश्य गणना प्रक्रिया को सुरक्षित और निगरानी योग्य बनाना है। बीकेटीसी का मानना है कि इस व्यवस्था से चढ़ावे की सुरक्षा बढ़ेगी और भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
उधर, बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। एसआईटी भगवान बदरी विशाल के खजाने से जुड़े रिकॉर्ड और मंदिर में होने वाले वीआईपी दर्शन की जानकारी खंगाल रही है। जांच टीम पुराने रिकॉर्ड का मिलान कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, मंदिर में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था की जिम्मेदारी चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के पास थी। आरोप है कि वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से 1100 रुपये शुल्क लिया जा रहा था। एसआईटी अब इस व्यवस्था से जुड़े रिकॉर्ड, रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान एसआईटी ने गणना प्रक्रिया में शामिल रहे एक साधु से भी पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि पूछताछ में टीम को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है। इसके अलावा खजाने के रिकॉर्ड और चढ़ावे से जुड़े दस्तावेजों का भी गहन परीक्षण किया जा रहा है।
बीकेटीसी अधिकारियों का कहना है कि मंदिर की प्रतिष्ठा और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। चढ़ावा गणना में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। मंदिर समिति का लक्ष्य है कि बदरीनाथ धाम में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं का भरोसा बना रहे और धार्मिक व्यवस्थाएं पूरी ईमानदारी एवं नियमों के अनुसार संचालित हों।
चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण के बाद उठाए गए इन कदमों को मंदिर प्रशासन की ओर से जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में गणना प्रक्रिया, वीआईपी दर्शन व्यवस्था और खजाने के रिकॉर्ड से जुड़े अन्य बदलाव भी लागू किए जा सकते हैं।





