उत्तराखंड

कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद का नाम हटाने पर विवाद

Kavita2
20 Aug 2026 9:16 AM IST
कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद का नाम हटाने पर विवाद
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देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। हरिद्वार जिले की पिरान कलियर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराई गई है। विधायक के नाम को लेकर सामने आई इस आपत्ति के बाद कांग्रेस ने इसे गंभीर मामला बताते हुए सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधा है।

कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है और इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करना है। पार्टी ने कहा है कि यदि मतदाता सूची में नाम हटाने की कोशिश की गई तो वह कानूनी रास्ता अपनाएगी। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है और इसमें प्राप्त होने वाली आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाता है।

विधायक के नाम पर दर्ज हुई आपत्ति

जानकारी के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के दौरान पिरान कलियर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद के नाम को लेकर आपत्ति दर्ज की गई। आपत्ति में मतदाता सूची से नाम हटाने की मांग की गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आपत्ति किस आधार पर दर्ज कराई गई है और इसके पीछे कौन व्यक्ति या संगठन है।

मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि एक निर्वाचित विधायक का नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए आरोप

कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि मतदाता सूची में हेरफेर की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि लोकतंत्र में मतदाता सूची सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है। पार्टी ने यह भी कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।

भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं, भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है। इसमें किसी भी व्यक्ति को नियमों के अनुसार आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार होता है।

भाजपा का कहना है कि केवल आपत्ति दर्ज होने से किसी का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाता। संबंधित अधिकारी जांच के बाद ही कोई निर्णय लेते हैं। पार्टी ने कांग्रेस से इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील की है।

प्रशासन करेगा नियमों के अनुसार कार्रवाई

मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत किसी भी मतदाता के नाम, पते या पात्रता को लेकर आपत्ति दर्ज की जा सकती है। इसके बाद संबंधित निर्वाचन अधिकारी मामले की जांच करते हैं और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लिया जाता है।

अधिकारियों के अनुसार, फुरकान अहमद के नाम को लेकर दर्ज आपत्ति पर भी नियमों के तहत सुनवाई की जाएगी। जांच के बाद ही यह तय होगा कि आपत्ति सही है या नहीं। फिलहाल विधायक का नाम मतदाता सूची में बना हुआ है।

पिरान कलियर सीट पर पहले भी रही है राजनीतिक हलचल

हरिद्वार जिले की पिरान कलियर विधानसभा सीट प्रदेश की महत्वपूर्ण सीटों में शामिल है। यहां लंबे समय से कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक मुकाबला रहा है। विधायक फुरकान अहमद कांग्रेस के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में गिने जाते हैं।

ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। कांग्रेस इसे अपने विधायक को निशाना बनाने की कोशिश बता रही है, जबकि भाजपा इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है।

आने वाले दिनों में बढ़ सकती है सियासी गर्मी

मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर उठे इस विवाद के बाद अब सभी की नजर निर्वाचन अधिकारियों की कार्रवाई पर है। यदि आपत्ति पर सुनवाई के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो मामला और तूल पकड़ सकता है।

कांग्रेस ने पहले ही अदालत जाने की बात कहकर अपने तेवर स्पष्ट कर दिए हैं। वहीं, भाजपा इस मामले को नियमों के तहत होने वाली प्रक्रिया बता रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

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