उत्तराखंड

कार पर पलटा कंटेनर, मां-बेटे समेत चार की दर्दनाक मौत

nidhi
5 Nov 2026 10:00 AM IST
कार पर पलटा कंटेनर, मां-बेटे समेत चार की दर्दनाक मौत
x
दीवाली से पहले बुझ गए चार चिराग
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के मोहब्बेवाला क्षेत्र में बुधवार, 4 नवंबर को हुए भीषण सड़क हादसे ने चार जिंदगियां छीन लीं। सहारनपुर से देहरादून जा रहे एक परिवार की कार पर तेज रफ्तार कंटेनर पलट गया। हादसा इतना भयावह था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों और कार चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि छह वर्षीय बच्चा घायल हो गया। इस घटना से देहरादून से लेकर सहारनपुर तक शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों की पहचान सहारनपुर निवासी विश्वेश कपूर (38), उनकी पत्नी निशा कपूर (38), मां किरण कपूर (63) और कार चालक नीरज के रूप में हुई है। हादसे में विश्वेश का छह वर्षीय बेटा माहेर कपूर बच गया। उसे घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। परिवार अपने एक रिश्तेदार से मिलने देहरादून जा रहा था, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही यह यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई।
छोटे भाई के घर जा रहा था परिवार
जानकारी के मुताबिक, विश्वेश कपूर सहारनपुर के सदर बाजार थाना क्षेत्र स्थित गोकुल एनक्लेव कॉलोनी में रहते थे। वह पेशे से सेल टैक्स अधिवक्ता थे। उनके छोटे भाई दीपेश कपूर देहरादून में रहते हैं और निर्माण व्यवसाय से जुड़े हैं। दीपेश की पत्नी गर्भवती हैं। परिवार उनका हालचाल जानने और खुशियों में शामिल होने के लिए देहरादून जा रहा था। विश्वेश अपनी मां, पत्नी और छह वर्षीय बेटे के साथ कार से निकले थे। वाहन चलाने के लिए चालक नीरज को साथ लिया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि कुछ ही घंटों में वे देहरादून पहुंच जाएंगे। हालांकि, मोहब्बेवाला क्षेत्र में पहुंचते ही एक कंटेनर उनकी कार पर पलट गया। अचानक हुए हादसे ने किसी को संभलने का मौका नहीं दिया।
कटर से काटकर निकाले गए शव
हादसे के बाद कार कंटेनर के नीचे बुरी तरह दब गई थी। दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। क्षतिग्रस्त कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। कार की हालत इतनी खराब थी कि उसे कटर की मदद से काटना पड़ा। राहतकर्मियों ने कार में फंसे लोगों को निकाला। हालांकि, चार लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। छह वर्षीय माहेर को बचा लिया गया। हादसे के कारण सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ। देहरादून-दिल्ली मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सहारनपुर, मेरठ और दिल्ली की ओर से आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दीवाली की तैयारियों के बीच उजड़ा घर
इस दुर्घटना ने कपूर परिवार की दीवाली की खुशियों को मातम में बदल दिया। बताया जा रहा है कि विश्वेश कपूर ने कुछ दिन पहले ही अपने घर को त्योहार के लिए रंग-बिरंगी झालरों से सजाया था। घर में दीवाली की तैयारियां चल रही थीं। परिवार के सदस्य आने वाले त्योहार को लेकर उत्साहित थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस घर में रोशनी की तैयारियां हो रही हैं, वहां अचानक चार लोगों की मौत की खबर पहुंच जाएगी।
सहारनपुर में हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के घर पर रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ जमा हो गई। पड़ोसी भी इस घटना से स्तब्ध रह गए। विश्वेश कपूर बेहद मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। वह पड़ोसियों और परिचितों से आत्मीयता से मिलते थे। उनके अचानक निधन से पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
छह साल के मासूम ने खो दिया परिवार
इस दर्दनाक हादसे का सबसे दुखद पहलू छह वर्षीय माहेर कपूर की जिंदगी से जुड़ा है। जिस कार में वह अपने माता-पिता और दादी के साथ सफर कर रहा था, उसी दुर्घटना में उसके तीनों प्रियजनों की मौत हो गई। हादसे में माहेर घायल हुआ, लेकिन उसकी जान बच गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक ही दुर्घटना में माता-पिता और दादी को खोने वाले मासूम के भविष्य को लेकर परिवार और परिचितों में गहरी चिंता है। रिश्तेदारों के लिए भी यह सदमा बेहद कठिन है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मोहब्बेवाला क्षेत्र में हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों की रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली-दून मार्ग पर भारी संख्या में मालवाहक वाहन और यात्री गाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में कंटेनर जैसे बड़े वाहनों का अनियंत्रित होना अन्य यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इस दुर्घटना के बाद भारी वाहनों की गति, तकनीकी स्थिति और यातायात नियमों के पालन की निगरानी की आवश्यकता सामने आई है।
फिलहाल हादसे की परिस्थितियों और कंटेनर के पलटने की वजह की जांच महत्वपूर्ण है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि दुर्घटना केवल तेज रफ्तार के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी अथवा मानवीय चूक भी थी।
Next Story