उत्तराखंड
अंकिता भंडारी केस में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन पूर्व CM हरीश रावत हिरासत में
Ratna Netam
15 Oct 2026 5:52 PM IST

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देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित लोक भवन के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। इस दौरान राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत और प्रीतम सिंह सहित कई नेता मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को हिरासत में ले लिया।
लोक भवन के बाहर जुटे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता
गुरुवार को कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता देहरादून के लोक भवन पहुंचे। इस दौरान अंकिता भंडारी मामले को लेकर नारेबाजी की गई।कांग्रेस नेताओं ने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर आपत्ति जताई। पार्टी का कहना है कि अंकिता भंडारी मामले से जुड़े कथित आरोपों और जांच के मद्देनजर इस नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।लोक भवन के बाहर कांग्रेस नेताओं के एकत्र होने के बाद पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को हिरासत में ले लिया गया।
हरीश रावत बोले- प्रदर्शन करने नहीं, ज्ञापन देने आए थे
पुलिस कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विरोध-प्रदर्शन करना नहीं था। उन्होंने कहा कि वे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के संबंध में लोक भवन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे।रावत ने कहा कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है और आगे की रणनीति पर कांग्रेस नेता विचार करेंगे।उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए जाने के बाद भी वे अपनी अगली कार्रवाई तय करेंगे, चाहे इसके लिए पुलिस थाने से ही फैसला क्यों न करना पड़े।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग के साथ कांग्रेस ने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति का भी विरोध किया है।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि गौतम का नाम इस मामले से जुड़े कथित वीआईपी विवाद में सामने आया था। हालांकि, आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।कांग्रेस का कहना है कि संबंधित जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जानी चाहिए।इस मुद्दे पर उत्तराखंड कांग्रेस पहले भी प्रदर्शन कर चुकी है। 13 अक्टूबर को देहरादून के गांधी पार्क में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया था।
दिल्ली में भी अंकिता के माता-पिता ने किया विरोध
अंकिता भंडारी मामले को लेकर दिल्ली में भी प्रदर्शन हुआ। बुधवार को अंकिता के माता-पिता ने इंडिया गेट के पास धरना दिया और दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की।इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी अंकिता के परिजनों से मिलने पहुंचे।गुरुवार तड़के दिल्ली पुलिस ने धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।परिवार की मांग है कि सीबीआई जांच पूरी होने और मामले से जुड़े सभी सवालों का जवाब मिलने तक संबंधित नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए।
2022 में हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी।इस मामले में रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।हालांकि, मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर अलग से सवाल उठाए जाते रहे हैं। इसी विषय पर जांच और जवाबदेही की मांग जारी है।
हरीश रावत की हिरासत के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
देहरादून में कांग्रेस के प्रदर्शन और हरीश रावत को हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता भंडारी मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।कांग्रेस नेताओं ने अंकिता को न्याय दिलाने और राज्यपाल नियुक्ति के मुद्दे पर अपनी मांग जारी रखने की बात कही है।वहीं, हरीश रावत ने स्पष्ट किया है कि पुलिस कार्रवाई के बाद पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी। फिलहाल इस मामले में राजनीतिक विरोध और जांच से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर बनी हुई है।
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