उत्तराखंड
देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस', SIR विवाद पर सीएम धामी का बड़ा हमला
Ratna Netam
3 Nov 2026 4:50 PM IST

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देहरादून : 3 नवंबर 2026। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता में अविश्वास पैदा करने और देश में अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी बताते हुए कहा कि विपक्ष को जनता का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता से दूर रहने के कारण राजनीतिक रूप से बेचैन है और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को ऊधम सिंह नगर में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है। राजनीतिक दलों को चुनाव में जीत और हार दोनों को स्वीकार करना चाहिए।उन्होंने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के हालिया विरोध प्रदर्शनों को लेकर सवाल उठाए। धामी ने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर ऐसे राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिनसे जनता के बीच भ्रम और अविश्वास का माहौल बन रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध करना सभी राजनीतिक दलों का अधिकार है, लेकिन विरोध की आड़ में संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है।
कांग्रेस को बताया भ्रष्टाचार की जननी
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के शासनकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश में भ्रष्टाचार और घोटालों की राजनीति को बढ़ावा देने में कांग्रेस की बड़ी भूमिका रही है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के सिद्धांतों पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस लगातार सरकार की नीतियों को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास करती रही है।धामी ने इससे पहले 28 अक्टूबर को गैरसैंण में भी कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि उनकी सरकार पूर्ववर्ती सरकारों की गलत व्यवस्थाओं को सुधारने का काम कर रही है।हालांकि, कांग्रेस इन आरोपों से असहमत है और स्वयं भाजपा सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार तथा प्रशासनिक विफलताओं के मुद्दे उठाती रही है।
SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच लंबे समय से राजनीतिक टकराव चल रहा है।इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूचियों का सत्यापन और आवश्यक संशोधन करना है। चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं।कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उनका आरोप है कि पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा पैदा हो सकता है।वहीं, भाजपा का कहना है कि मतदाता सूची का सत्यापन चुनावी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया है।मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के विरोध को राजनीतिक रणनीति बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में संदेह पैदा कर रहा है।उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाते समय राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान
SIR विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान की शुरुआत की है।मुख्यमंत्री धामी ने 22 अक्टूबर को इस अभियान की घोषणा करते हुए बताया था कि पार्टी प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी।अभियान का पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर और दूसरा चरण 11 से 30 नवंबर तक निर्धारित किया गया है।इसके अंतर्गत भाजपा कार्यकर्ता और नेता जनता के बीच जाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा चुनावी प्रक्रिया को लेकर पार्टी का पक्ष रख रहे हैं।भाजपा का कहना है कि अभियान के माध्यम से विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दिया जाएगा।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान करना सभी दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगती है।
विपक्ष की रैली पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री धामी ने इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी टिप्पणी की।उन्होंने विपक्ष के एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में भी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नहीं बना सका।धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल सत्ता से बाहर रहने के कारण लगातार राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।उनके अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि राजनीतिक दल संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखें।मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सकारात्मक राजनीति करने और जनता से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील भी की।
उत्तराखंड में कांग्रेस भी सरकार के खिलाफ हमलावर
दूसरी तरफ उत्तराखंड कांग्रेस भी राज्य सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और प्रशासनिक कामकाज जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी की है।हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के साथ बैठक में उत्तराखंड की राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की।कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों से ध्यान हटाकर राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाना और पारदर्शिता की मांग करना उसका संवैधानिक अधिकार है।
आगामी चुनावों से पहले तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है।जहां भाजपा चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान को प्रमुख मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस राज्य सरकार के कामकाज तथा जनसमस्याओं को लेकर सवाल उठा रही है।राजनीतिक दृष्टि से SIR विवाद दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। भाजपा इसे चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता से जोड़ रही है, जबकि विपक्ष प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों पर जोर दे रहा है।मुख्यमंत्री धामी के ताजा बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।फिलहाल भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने-अपने पक्ष को जनता तक पहुंचाने में जुटी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में SIR, भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर सियासी बहस और तेज हो सकती है।
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