
उत्तराखंड: पेपर लीक प्रकरण को लेकर उत्तराखंड में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार और नई टिहरी समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन कर नीट पेपर लीक मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
हरिद्वार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्रों, युवाओं और महिलाओं ने पेपर लीक मामले को लेकर पैदल मार्च निकाला। यह मार्च पूर्व मेयर अनिता शर्मा के कैंप कार्यालय से शुरू होकर देशरक्षक तिराहे होते हुए सिंहद्वार चौक तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय होता है। कई छात्र महीनों और वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनकी मेहनत और समय दोनों बर्बाद हो जाते हैं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि पेपर लीक का असर केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके परिवारों को भी मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
वहीं, डोईवाला में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने डोईवाला तहसील में पहुंचकर दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
नई टिहरी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले, छात्रों पर लाठीचार्ज और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ कथित अभद्रता के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नई टिहरी में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले में लाखों छात्रों को परेशानी हुई है, लेकिन सरकार दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुरारी लाल खंडेलवाल ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने विपक्ष की आवाज दबाने के प्रयासों की भी आलोचना की।
प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। हरिद्वार और नई टिहरी में हुए इन प्रदर्शनों के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार से परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की।
फिलहाल पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक रूप से गरमाया हुआ है। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से भी मामले में जांच और कार्रवाई की बात कही जा रही है। उत्तराखंड में कांग्रेस के इन प्रदर्शनों के बाद इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने की संभावना है।





