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Khatima खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छठ महापर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारी सनातन संस्कृति की गहराई, अनुशासन, तप और प्रकृति के प्रति करुणा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय जीवन दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत उत्सव है। सीएम धामी ने कहा, “आज का यह पावन पर्व हमारी सनातन परंपरा की समृद्ध विरासत को दर्शाता है। इसमें तप, संयम और प्रकृति के प्रति आस्था झलकती है। हमारी माताएं और बहनें पूरे श्रद्धाभाव से कठिन व्रत रखती हैं, यह उनका अनुशासन और आस्था दोनों का परिचायक है। छठ पूजा का अनूठा स्वरूप यह है कि इसमें अस्ताचलगामी और उदयाचलगामी सूर्य दोनों को अर्घ्य दिया जाता है, जो जीवन के संतुलन और कृतज्ञता का प्रतीक है।
उन्होंने आगे कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति की विशिष्ट पहचान है, जहां जाति, वर्ग या क्षेत्र का भेदभाव नहीं होता। हर समाज का व्यक्ति इसमें समान श्रद्धा से भाग लेता है, जिससे एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सौहार्द की भावना प्रकट होती है।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में भारत की सनातन संस्कृति का वैभव और पहचान स्थापित हो रही है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत अपनी संस्कृति और परंपरा के मूल्यों को पूरी दुनिया में स्थापित कर रहा है। इसी प्रेरणा से उत्तराखंड सरकार भी सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक समृद्धि की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सीएम धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाना है। उन्होंने बताया कि राज्य में चारधाम यात्रा, मां पूर्णागिरी धाम, हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे छठ पर्व को न केवल धार्मिक रूप में बल्कि प्रकृति संरक्षण और स्वच्छता के संकल्प के रूप में भी मनाएं। उन्होंने कहा कि सूर्य उपासना के इस पर्व का सीधा संबंध जल, वायु और पर्यावरण से है, इसलिए सभी को अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। धामी ने कहा, “छठ महापर्व हमें सिखाता है कि जीवन में संयम, अनुशासन और प्रकृति के प्रति आभार कितना महत्वपूर्ण है। इस पर्व में सूर्य, जल और धरती – इन तीनों तत्वों की पूजा होती है, जो जीवन के मूल आधार हैं। उन्होंने छठ पूजा के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पर्व प्रदेश में शांति, समृद्धि और सद्भाव लेकर आए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे छठ पूजा आयोजनों की भी जानकारी ली और प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो।
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