उत्तराखंड

दलेर मेहंदी विवाद में CM धामी की एंट्री, मीका सिंह से फोन पर की बात

Kavita2
23 Oct 2026 9:42 AM IST
दलेर मेहंदी विवाद में CM धामी की एंट्री, मीका सिंह से फोन पर की बात
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देहरादून। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के बीच शुरू हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामला बढ़ने के बाद अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद हस्तक्षेप किया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को गायक मीका सिंह से फोन पर बातचीत कर विवाद को शांत कराने की पहल की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गलतफहमी को आपसी बातचीत और सौहार्दपूर्ण वातावरण में दूर किया जाना चाहिए। हालांकि, मुख्यमंत्री की पहल के बावजूद मीका सिंह अपने बड़े भाई दलेर मेहंदी के सम्मान को लेकर नाराज हैं। उन्होंने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग दोहराई है। इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तराखंड की राजनीति के साथ मनोरंजन जगत में भी चर्चा छेड़ दी है।

मुख्यमंत्री धामी ने मीका सिंह से की बातचीत

दलेर मेहंदी से जुड़े विवाद के बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को मीका सिंह से फोन पर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।

धामी ने कहा कि बातचीत के दौरान दलेर मेहंदी से संबंधित घटनाक्रम पर चर्चा हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपसी मतभेद और गलतफहमियों को बातचीत के जरिए सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की संस्कृति अतिथियों और कलाकारों का सम्मान करने की रही है। प्रदेश में आने वाले कलाकारों का हमेशा खुले दिल से स्वागत किया जाता है।

धामी ने इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में भी कहा था कि दलेर मेहंदी और मीका सिंह दोनों उनके अच्छे मित्र हैं। वह चाहते हैं कि यह विवाद जल्द समाप्त हो।

कुंजापुरी मेले में शुरू हुआ था विवाद

यह पूरा मामला टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले से जुड़ा है। रविवार रात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक दलेर मेहंदी प्रस्तुति देने पहुंचे थे।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए और उन्होंने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई।

मंत्री ने आरोप लगाया कि गायक मंच पर ठीक से गाना नहीं गा रहे थे और केवल लिप-सिंकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने गायक से नशे में होने को लेकर भी सवाल किया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया। वीडियो में मंत्री को गायक से सवाल करते देखा और सुना जा सकता है। दलेर मेहंदी की ओर से मंच पर माफी मांगने की बात भी सामने आई।

मीका सिंह ने भाई के अपमान पर जताई नाराजगी

घटना सामने आने के बाद दलेर मेहंदी के छोटे भाई और गायक मीका सिंह ने मंत्री सुबोध उनियाल के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई।

मीका सिंह ने कहा कि कलाकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। किसी भी कलाकार को सार्वजनिक मंच पर इस तरह अपमानित करना उचित नहीं है।

उन्होंने अपने भाई पर नशे की हालत में प्रस्तुति देने के आरोपों को गलत बताया और कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते।

मीका ने मंत्री से अपनी गलती स्वीकार करने और दलेर मेहंदी से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की थी।

मीका सिंह ने कहा कि वह उत्तराखंड और वहां के लोगों का सम्मान करते हैं, लेकिन कलाकारों की गरिमा भी बनाए रखी जानी चाहिए।

35 लाख रुपये के भुगतान पर भी उठा विवाद

इस पूरे मामले में कार्यक्रम के लिए दलेर मेहंदी को किए गए भुगतान को लेकर भी विवाद सामने आया है।

मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा था कि कार्यक्रम के लिए गायक को 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद प्रस्तुति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।

इस बयान पर मीका सिंह ने सवाल उठाते हुए भुगतान से संबंधित प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की।

मीका ने पूछा कि यदि इतनी बड़ी रकम का भुगतान किया गया था तो उससे संबंधित दस्तावेज और भुगतान की जानकारी सामने रखी जानी चाहिए।

हालांकि, 35 लाख रुपये के भुगतान से संबंधित स्वतंत्र दस्तावेजी पुष्टि सामने नहीं आई है।

मंत्री सुबोध उनियाल ने दी अपनी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा।

उनका कहना था कि कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी ठीक से गाना नहीं गा पा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि गायक की प्रस्तुति से दर्शक असंतुष्ट थे और स्थानीय जनप्रतिनिधि होने के कारण उन पर लोगों का दबाव था।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें उस समय गायक की तबीयत खराब होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि दलेर मेहंदी अस्वस्थ थे तो उन्हें आयोजकों को पहले ही सूचित करना चाहिए था।

उनियाल ने यह भी कहा कि उनका गायक को अपमानित करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने नशे को लेकर अपनी शंका का जिक्र किया, लेकिन स्वीकार किया कि इसकी पुष्टि के लिए कोई चिकित्सकीय जांच नहीं कराई गई थी।

मुख्यमंत्री ने कलाकारों के सम्मान पर दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तराखंड कलाकारों, साहित्यकारों और विद्वानों का सम्मान करने वाला राज्य है।

उन्होंने संभावना जताई कि कार्यक्रम के दौरान जनता के दबाव में कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुई होंगी, जिनसे विवाद बढ़ गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था और उन्हें गायक की खराब तबीयत की जानकारी भी नहीं थी।

धामी ने सभी पक्षों से मामले को आगे नहीं बढ़ाने की अपील की। उनका कहना था कि आपसी बातचीत के जरिए गलतफहमी दूर की जा सकती है।

मनोरंजन जगत में भी उठे सवाल

दलेर मेहंदी और मंत्री के बीच हुए विवाद के बाद कई कलाकारों ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में कलाकारों के सम्मान और व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं।

मीका सिंह का कहना है कि किसी प्रस्तुति से असंतोष होने पर आयोजकों को उचित तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। सार्वजनिक मंच पर अपमानजनक व्यवहार करना समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

इस घटना ने सरकारी आयोजनों में कलाकारों की जिम्मेदारी, कार्यक्रम प्रबंधन और अतिथियों के साथ व्यवहार को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है।

क्या मुख्यमंत्री की पहल से समाप्त होगा विवाद?

मुख्यमंत्री धामी की ओर से मीका सिंह से फोन पर बातचीत किए जाने के बाद विवाद के शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि, मीका सिंह ने मंत्री से माफी की मांग वापस नहीं ली है। दूसरी तरफ मंत्री सुबोध उनियाल अपने व्यवहार को दर्शकों के असंतोष और परिस्थितियों से जोड़कर सफाई दे चुके हैं।

अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है या विवाद आगे भी जारी रहता है।

फिलहाल इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि सार्वजनिक आयोजनों में कलाकारों और जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेद होने पर उनका समाधान किस तरह किया जाना चाहिए।

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