
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा तथा बलिदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित करते हुए कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं।
पुलिस लाइन में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित पुलिस लाइन में शहीद जवानों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में शामिल होकर पुलिस और अर्धसैनिक बलों के उन जवानों को नमन किया, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्राण न्योछावर कर दिए।
इस अवसर पर शहीदों के योगदान को याद किया गया और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों का समर्पण और साहस देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
154 जवानों ने दिया सर्वोच्च बलिदान
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान देशभर में पुलिस और सुरक्षा बलों के 154 जवान कर्तव्य पालन करते हुए शहीद हुए।
उन्होंने कहा कि इन जवानों का बलिदान देश कभी नहीं भूल सकता।
शहीद जवानों ने अपने दायित्वों को सर्वोपरि रखते हुए देश और समाज की सुरक्षा के लिए जीवन समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे वीर जवान पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।
उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्यनिष्ठा, साहस और राष्ट्रसेवा का संदेश देता रहेगा।
उत्तराखंड के उपनिरीक्षक विनोद कुमार को किया याद
पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में उत्तराखंड पुलिस के शहीद उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों में उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक विनोद कुमार भी शामिल हैं।
उन्होंने उनके योगदान को नमन करते हुए कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों की सेवाएं सदैव स्मरणीय रहेंगी।
हालांकि, उपनिरीक्षक विनोद कुमार की शहादत की परिस्थितियों का विस्तृत विवरण कार्यक्रम से संबंधित उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया।
उन्होंने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना और सम्मान व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जवानों के परिवार भी विशेष सम्मान के पात्र हैं।
किसी जवान का बलिदान केवल उसके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए बड़ी क्षति होता है।
ऐसे अवसरों पर शहीद परिवारों को सम्मानित करना उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है।
देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा जैसे दायित्वों का निर्वहन करते हैं।
वहीं, अर्धसैनिक बल विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बलों के जवान कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते।
उनका साहस और समर्पण देशवासियों में सुरक्षा का विश्वास बनाए रखता है।
शहीद पूरे देश का गौरव हैं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शहीद जवान केवल किसी एक राज्य या क्षेत्र के नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव होते हैं।
उन्होंने कहा कि देश की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिया गया बलिदान सर्वोच्च सम्मान का पात्र है।
पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवान अपने परिवारों से दूर रहकर भी राष्ट्रहित में जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।
कई बार उन्हें अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में कर्तव्य पालन के दौरान शहादत देने वाले जवानों का योगदान देश के इतिहास में सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र को समर्पित यह स्मारक पुलिस और सुरक्षा बलों के वीर जवानों के त्याग तथा साहस का प्रतीक है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक उन जवानों की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया।
यह स्मारक देशवासियों को पुलिस बलों की सेवाओं और उनके सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है।
मुख्यमंत्री ने इसे वीर जवानों के प्रति राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक बताया।
पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व
देशभर में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
यह दिवस वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की स्मृति से जुड़ा है।
उस समय भारतीय पुलिस के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था।
उनकी स्मृति में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई।
इस दिन देशभर में पुलिस बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनके योगदान को याद किया जाता है।
कर्तव्यनिष्ठा और साहस की मिसाल हैं जवान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा के साथ करते हैं।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर संकट के समय नागरिकों की सहायता तक, उनकी जिम्मेदारियां व्यापक होती हैं।
कठिन परिस्थितियों में भी जवानों का धैर्य और साहस समाज के लिए प्रेरणादायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए उनका समर्पण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पुलिस स्मृति दिवस ऐसे जवानों की सेवाओं को सम्मान देने का अवसर है।
शहीदों की स्मृति को जीवित रखना जरूरी
पुलिस स्मृति दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि सुरक्षा बलों के योगदान को समझने और सम्मानित करने का भी दिन है।
शहीद जवानों की स्मृति नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और जिम्मेदारी का संदेश देती है।
इस अवसर पर शहीद परिवारों को सम्मानित करना समाज और सरकार की ओर से उनके बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का त्याग और साहस देश के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
वीर जवानों के बलिदान को किया नमन
देहरादून पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने पिछले एक वर्ष में शहीद हुए 154 जवानों को याद करते हुए उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार के बलिदान का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जवान पूरे देश का गौरव हैं। देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस और अर्धसैनिक बलों का योगदान अमूल्य है। उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए वीर जवानों के त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया।





