उत्तराखंड
पंजाब में ट्रैक्टर पर CM धामी नशा मुक्त यात्रा में हुए शामिल
Ratna Netam
26 Sept 2026 2:40 PM IST

x
चंडीगढ़। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को पंजाब में भारतीय जनता पार्टी की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' में शामिल हुए। उन्होंने होशियारपुर जिले के मुकेरियां में ट्रैक्टर पर सवार होकर रोड शो किया और एक जनसभा को संबोधित किया। यह अभियान 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले नशे के मुद्दे पर BJP के राज्यव्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम के रूप में भी देखा जा रहा है।
मुकेरियां पहुंचने पर पुष्कर सिंह धामी का BJP कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। धामी ट्रैक्टर पर सवार होकर यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने मुकेरियां में आयोजित जनसभा में नशे के मुद्दे को उठाया और BJP के अभियान के बारे में लोगों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री धामी ने दसूहा में भी BJP के अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि पार्टी पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को राज्य के प्रत्येक घर और व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। BJP इस यात्रा को नशे के खिलाफ जनजागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने की मुहिम के रूप में पेश कर रही है।
पंजाब BJP ने 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' की शुरुआत 18 सितंबर से की है। पार्टी ने चार अलग-अलग यात्राएं शुरू की हैं, जो राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरने के लिए निर्धारित हैं। इन यात्राओं की कुल दूरी करीब 4,000 किलोमीटर बताई गई है। कार्यक्रम 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होना निर्धारित है।
मुकेरियां और दसूहा भी इस यात्रा के निर्धारित मार्ग में शामिल हैं। BJP की दूसरी यात्रा फतेहगढ़ साहिब से शुरू होकर समराला, खन्ना, मोहाली, खरड़, रोपड़, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर, होशियारपुर, दसूहा और मुकेरियां सहित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से गुजरते हुए जालंधर पहुंचने वाली है।
BJP ने इस अभियान का मुख्य मुद्दा पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या को बनाया है। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन में बदलना है। पार्टी ने नशे के साथ कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों को भी अपनी यात्रा के प्रमुख विषयों में शामिल किया है।
यह अभियान ऐसे समय चल रहा है जब पंजाब में नशे का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है। BJP और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। BJP ने राज्य सरकार पर नशे की समस्या से निपटने के अपने वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने BJP के आरोपों के जवाब में उसके पूर्व शिरोमणि अकाली दल-BJP गठबंधन के शासनकाल के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं।
पंजाब सरकार भी नशे के खिलाफ 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' अभियान चला रही है। इसमें पुलिस कार्रवाई के साथ नशे की रोकथाम, युवाओं को जागरूक करने, समुदाय की भागीदारी और नशे से प्रभावित लोगों के उपचार तथा पुनर्वास पर जोर दिया जा रहा है। इस तरह नशे का मुद्दा राज्य में सरकारी कार्रवाई के साथ राजनीतिक बहस का भी प्रमुख विषय बना हुआ है।
BJP की यात्रा को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के व्यापक जनसंपर्क अभियान के तौर पर भी देखा जा रहा है। चारों यात्राओं में राष्ट्रीय और दूसरे राज्यों के BJP नेताओं की भागीदारी रखी गई है। यात्रा की शुरुआत BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पठानकोट जिले के माधोपुर से की थी। विभिन्न चरणों में पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी इसमें शामिल हो रहे हैं।
पार्टी की रणनीति यात्रा के जरिए पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचने और नशे के मुद्दे पर सीधे लोगों से संवाद करने की है। रोड शो, ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल यात्राओं के साथ रास्ते में जनसभाएं भी आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान BJP नेता नशे के खिलाफ अपनी पार्टी का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
इसी कड़ी में पुष्कर सिंह धामी का मुकेरियां और दसूहा पहुंचना महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ रोड शो में हिस्सा लिया और जनसभा के माध्यम से नशा मुक्त पंजाब का संदेश दिया। धामी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को व्यापक स्तर पर लोगों तक ले जाने की जरूरत है और BJP इसके लिए अभियान चला रही है।
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में नशे के मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। फिलहाल BJP अपनी नशा मुक्त पंजाब यात्रा के जरिए पूरे राज्य में लोगों से संपर्क कर रही है, जबकि सत्तारूढ़ AAP अपनी सरकार की नशा-विरोधी कार्रवाइयों और अभियानों को सामने रख रही है।
Next Story





