उत्तराखंड

सीएम धामी ने खट्टर से की मुलाकात, उत्तराखंड के लिए मांगी 200 MW बिजली

Saba Naaz
19 July 2026 8:29 PM IST
सीएम धामी ने खट्टर से की मुलाकात, उत्तराखंड के लिए मांगी 200 MW बिजली
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नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर राज्य की ऊर्जा जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में उत्तराखंड में बिजली की बढ़ती मांग, जल विद्युत परियोजनाओं के विकास, पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और पारेषण व्यवस्था को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई।

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री खट्टर का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर केंद्रीय पूल से अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराकर उत्तराखंड की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में राज्य में बिजली की मांग बढ़ने की संभावना है, ऐसे में अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता होगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में उत्तराखंड की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जुलाई 2026 की शेष अवधि के लिए 150 मेगावाट और अगस्त 2026 के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली केंद्रीय पूल से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार एल-नीनो की संभावित परिस्थितियों, कम बारिश और जलाशयों में कम जलागम के कारण जल विद्युत उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और आगामी कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली की खपत में काफी बढ़ोतरी होती है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और पर्यटन गतिविधियों को देखते हुए राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके लिए अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की जल विद्युत परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक हिमालयी राज्य है और यहां जल विद्युत उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। अगर केंद्र सरकार विशेष सहायता उपलब्ध कराती है तो राज्य की ऊर्जा क्षमता को तेजी से विकसित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड को जल विद्युत परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता देने की मांग रखी। उन्होंने राज्य में लगभग 10 गीगावाट पम्प्ड स्टोरेज क्षमता विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 7,800 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता या वायबिलिटी गैप फंडिंग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।

बैठक में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य की ऊर्जा जरूरतों और ग्रिड स्थिरता को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत क्षमता को 500 मेगावाट आवर से बढ़ाकर 665 मेगावाट आवर करने की मांग की। उन्होंने इसके लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।

सीएम धामी ने पिटकुल की एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) सहायता प्राप्त पारेषण परियोजना का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की कुल लागत करीब 3,638.26 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने मांग की कि परियोजना के लिए पहले से तय 80:20 एडीबी ऋण और राज्यांश की वित्तीय व्यवस्था को बरकरार रखा जाए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे विशेष श्रेणी वाले हिमालयी राज्य के लिए यह वित्तीय व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। यदि इसमें बदलाव किया जाता है तो राज्य को मिलने वाले वित्तीय लाभ प्रभावित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण परियोजना को तकनीकी रूप से उपयुक्त मान चुका है और विद्युत मंत्रालय ने भी एडीबी सहायता पर कोई आपत्ति नहीं जताई है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जल विद्युत क्षमता देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में राज्य ऊर्जा क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री धामी ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलेगी और राज्य की बिजली जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

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