उत्तराखंड

CM धामी ने सुनी जनता की फरियाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Kavita2
25 Oct 2026 11:40 AM IST
CM धामी ने सुनी जनता की फरियाद, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को खटीमा क्षेत्र में आम नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने नगला तराई स्थित अपने निजी आवास और खटीमा के लोहियाहेड हेलीपैड पर लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समाधान त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए।

नगला तराई में लोगों से मिले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नगला तराई स्थित अपने निजी आवास पर आम लोगों से मुलाकात की।

इस दौरान स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं।

मुख्यमंत्री ने लोगों की बात सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

लोहियाहेड हेलीपैड पर भी सुनीं समस्याएं

मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के लोहियाहेड हेलीपैड पर भी स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की।

इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याओं और मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन का उद्देश्य आम नागरिकों को राहत पहुंचाना होना चाहिए।

जनता की शिकायतों को सुनने के साथ उनका वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में तत्परता दिखाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे नागरिकों को समय पर सहायता मिल सके।

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि संबंधित अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

मुख्यमंत्री के निर्देशों का उद्देश्य जनसमस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटें लोग

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया सरल और प्रभावी होनी चाहिए।

कई बार नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न कार्यालयों में संपर्क करना पड़ता है।

ऐसी परिस्थितियों में समय और संसाधनों की अतिरिक्त आवश्यकता होती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों की परेशानी को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की कार्यप्रणाली जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर संचालित होनी चाहिए।

अधिकारियों को संवेदनशीलता से काम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है।

किसी भी नागरिक की शिकायत को केवल प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर सरकारी कार्यालयों और जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचते हैं।

ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे उनकी बातों को गंभीरता से सुनें।

मुख्यमंत्री ने तत्परता और जिम्मेदारी के साथ काम करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान प्रभावी तरीके से होना चाहिए, ताकि लोगों को वास्तविक राहत मिल सके।

पारदर्शिता के साथ हो शिकायतों का निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण स्पष्ट और जिम्मेदार प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए।

पारदर्शी व्यवस्था से नागरिकों को अपनी शिकायतों की स्थिति समझने में सुविधा मिल सकती है।

इसके अलावा प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं के समाधान के दौरान लोगों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ नागरिकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी की बातचीत

मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।

जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं और आवश्यकताओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।

मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

स्थानीय जनप्रतिनिधि जनता और प्रशासन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं।

वे अपने क्षेत्रों में सामने आने वाली समस्याओं और नागरिकों की अपेक्षाओं से प्रशासन को अवगत करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को स्थानीय स्तर पर जनसंवाद की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

जनता से सीधा संवाद बनाए रखने पर जोर

मुख्यमंत्री का आम लोगों से सीधे मिलना प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने का एक माध्यम है।

इस प्रकार की मुलाकातों में नागरिक अपनी समस्याएं सीधे सरकार के सामने रख सकते हैं।

इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने रविवार को हुई मुलाकातों के दौरान लोगों की समस्याओं को सुनने के बाद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

हालांकि इस दौरान प्राप्त शिकायतों की कुल संख्या और उनके विषयों का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

शिकायतों के समाधान में जवाबदेही जरूरी

जनसमस्याओं के प्रभावी निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है।

किसी शिकायत का समाधान कई बार अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियों से जुड़ा हो सकता है।

ऐसी स्थिति में अधिकारियों की तत्परता और स्पष्ट जवाबदेही आवश्यक होती है।

मुख्यमंत्री ने समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर देकर प्रशासनिक जिम्मेदारी को रेखांकित किया।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।

हालांकि मुख्यमंत्री की मुलाकात के दौरान किन विभागों को कितनी शिकायतें भेजी गईं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

जनता को राहत पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और उनका प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए।

सरकारी कार्यालयों में नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना आवश्यक है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए।

अधिकारियों के कामकाज पर रहेगा ध्यान

मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारियों के सामने शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।

जनता को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब प्राप्त शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई होगी।

इसके लिए संबंधित विभागों को शिकायतों की प्रकृति के अनुसार समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।

अब इन निर्देशों के अनुपालन और लोगों की समस्याओं के वास्तविक निस्तारण पर ध्यान रहेगा।

जनसमस्याओं के समाधान को लेकर सरकार का संदेश

नगला तराई स्थित निजी आवास और लोहियाहेड हेलीपैड पर हुई मुलाकातों के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आम नागरिकों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की समस्याएं सुनीं।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को अपनी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।

उन्होंने जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करने का संदेश दिया।

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