उत्तराखंड

मोदी पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर बरसे सीएम धामी, मांगा जवाब

Ratna Netam
26 Oct 2026 4:55 PM IST
मोदी पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर बरसे सीएम धामी, मांगा जवाब
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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विवादित टिप्पणी पर सियासी घमासान तेज हो गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खड़गे के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र में बिल्कुल अनुचित बताया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की और कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को अपनी भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति जनहित के मुद्दों से हटकर व्यक्तिगत टिप्पणियों और राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने तक सीमित होती जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
पटना में कार्यक्रम के दौरान हुई थी टिप्पणी
यह विवाद बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।इसी बीच सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। इसके जवाब में खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अनुचित भाषा करार दिया।
धामी ने कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन विरोध करते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने खड़गे से बयान पर माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं के आचरण का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजनीतिक बहस को व्यक्तिगत टिप्पणियों की ओर ले जा रहे हैं। उनके अनुसार, लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के लिए नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाए जा सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों से राजनीतिक संवाद का स्तर प्रभावित होता है।यह धामी की राजनीतिक प्रतिक्रिया है। कांग्रेस की ओर से इस विवाद और भाजपा की आलोचनाओं पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव का भी किया जिक्र
पुष्कर सिंह धामी ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के राजनीतिक गठबंधन को लेकर सवाल उठाए और कहा कि उत्तराखंड के लोगों के सामने कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।धामी ने कहा कि राजनीतिक दलों को गठबंधन करने का अधिकार है, लेकिन उत्तराखंड के लोगों के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर भी उन्हें स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने राज्य आंदोलन के दौरान मुजफ्फरनगर में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कांग्रेस से उसके ऐतिहासिक रुख को लेकर सवाल किए।
भाजपा नेताओं ने भी जताई नाराजगी
खड़गे की टिप्पणी के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष की आलोचना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बयान को अनुचित बताते हुए कांग्रेस की राजनीतिक भाषा पर सवाल उठाए। भाजपा ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने और खड़गे से माफी की मांग करने का ऐलान किया।दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने खड़गे का बचाव करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी सभा में मौजूद एक व्यक्ति की बात के जवाब में आई थी। इस तरह विपक्ष के भीतर भी बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर खड़गे की टिप्पणी अब राजनीतिक मर्यादा, विपक्ष की भाषा और चुनावी मुद्दों को लेकर व्यापक बहस का विषय बन गई है। भाजपा जहां इसे व्यक्तिगत और अनुचित टिप्पणी बता रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से मामले को उसके पूरे संदर्भ में देखने की बात कही गई है।फिलहाल इस बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया है कि लोकतंत्र में विचारों का विरोध किया जा सकता है, लेकिन सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।
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