उत्तराखंड

सीएम धामी ने जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक

Kavita2
10 Aug 2026 4:52 PM IST
सीएम धामी ने जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक
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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में मानसून की स्थिति और इससे उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों के साथ-साथ चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबंधन, जन-जन के द्वार कार्यक्रम, सत्यापन अभियान और प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने समेत कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए जिला स्तर पर तैयारियों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

मानसून को लेकर सतर्क रहने के निर्देश

बैठक में मानसून के दौरान प्रदेश में भारी बारिश से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों पर विशेष चर्चा हुई। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने, नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थितियों से निपटने के लिए अधिकारियों को पहले से तैयारी रखने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखे जाएं। राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने के साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लिया जाए और स्थानीय स्तर पर लोगों को समय रहते आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।

चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं पर जोर

बैठक में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। मानसून के दौरान यात्रा मार्गों पर अचानक आने वाली चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल समाधान किया जाए और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी न हो।

कांवड़ यात्रा के लिए भी विशेष तैयारी

कांवड़ यात्रा को लेकर भी जिलों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।

यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और भीड़ नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन को बैठक का महत्वपूर्ण विषय बताते हुए अधिकारियों को हर स्तर पर तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए।

जिलाधिकारियों को जिला आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों की समीक्षा करने, जरूरी उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा राहत शिविरों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की संभावनाओं को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

'जन-जन के द्वार' कार्यक्रम पर जोर

बैठक में 'जन-जन के द्वार' कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन को सीधे जनता के बीच जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने की दिशा में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

सत्यापन अभियान में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रहे सत्यापन अभियान को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए।

जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को अभियान के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

गड्ढामुक्त सड़कों पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब सड़कों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत का काम कराया जाए।

मानसून के दौरान सड़कों को होने वाले नुकसान को देखते हुए संबंधित विभागों को लगातार निरीक्षण करने और जरूरत के अनुसार तत्काल मरम्मत कराने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आम लोगों की आवाजाही और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़कों की स्थिति में सुधार किया जाना जरूरी है।

जिलाधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानसून, धार्मिक यात्राओं और आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर प्रशासन को सक्रिय और संवेदनशील रहना होगा।

उन्होंने अधिकारियों से जमीनी स्तर पर स्थिति की लगातार निगरानी करने और किसी भी समस्या की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में मानसून से लेकर धार्मिक यात्राओं, आपदा प्रबंधन, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और सड़क सुधार जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब जिलास्तर पर संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर तैयारियों को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।

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