
हरिद्वार, 9 जुलाई 2026। राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने इस पूरे मामले को बेहद निंदनीय, शर्मनाक और आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। चिराग पासवान ने कहा कि रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हरिद्वार पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि धार्मिक स्थलों और आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने चढ़ावे या धार्मिक भावनाओं से जुड़े किसी भी मामले में भ्रष्टाचार किया है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी। चिराग पासवान ने कहा कि जांच के दौरान यदि कोई छोटा या बड़ा अधिकारी, कर्मचारी या पदाधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई एक उदाहरण बनेगी, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति आस्था से जुड़े मामलों में अनियमितता करने की हिम्मत न कर सके। केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष से भी इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से संबंधित कोई तथ्य, दस्तावेज या महत्वपूर्ण जानकारी है तो उसे जांच एजेंसी या एसआईटी के सामने पेश करना चाहिए, जिससे जांच को सही दिशा मिल सके।
चिराग पासवान ने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा जरूरी है कि सच्चाई सामने आए और दोषियों की पहचान हो। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम निष्पक्ष तरीके से करने देना चाहिए, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार के खिलाफ रुख का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। इस मामले में जांच एजेंसियां तथ्यों और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। वहीं, राजनीतिक दल भी अपने-अपने बयान दे रहे हैं। चिराग पासवान के बयान के बाद यह साफ है कि सरकार इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का संदेश देना चाहती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में लोगों का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है और इस विश्वास को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे।





