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Dehradun देहरादून। दीपावली के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यभर के स्थानीय कुम्हारों और हस्तशिल्पकारों की सराहना करते हुए कहा कि इस बार प्रदेश में स्वदेशी मिट्टी के दीयों, मूर्तियों और सजावटी वस्तुओं की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ‘वोकल फॉर लोकल’ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री धामी ने दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर राजधानी देहरादून और आसपास के बाजारों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कुम्हार बस्तियों और स्थानीय बाजारों में दुकानदारों से बातचीत की। उन्होंने कहा, “स्थानीय कुम्हारों ने इस बार बहुत सुंदर मिट्टी के दीये, मूर्तियां, गणेश-लक्ष्मी प्रतिमाएं और अन्य पूजा सामग्री तैयार की है। ये स्वदेशी वस्तुएं हमारी संस्कृति और आत्मनिर्भरता की पहचान हैं। दुकानदारों ने बताया कि इस साल पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक बिक्री हुई है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तराखंड सरकार पारंपरिक शिल्प और कारीगरों को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचलों में ‘मिट्टी कला विकास कार्यक्रम’ के तहत कुम्हार समुदाय को प्रशिक्षण, आधुनिक चाक मशीनें और विपणन सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि कुम्हार, बुनकर, हस्तशिल्पकार और छोटे उद्यमी आत्मनिर्भर बनें। इस दीपावली पर लोगों ने चीनी सजावटी सामान की जगह स्वदेशी दीयों और मूर्तियों को प्राथमिकता दी है। यह हमारे समाज के लिए गर्व का विषय है।”
बाजारों में किए गए निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने आम उपभोक्ताओं से भी संवाद किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि त्योहारों पर अधिक से अधिक ‘मेड इन इंडिया’ वस्तुओं की खरीदारी करें ताकि देश के कारीगरों की आजीविका को सहारा मिले। धामी ने कहा कि राज्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना को तेज गति से लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि इससे छोटे कारोबारियों को बाजार और ब्रांडिंग दोनों में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि पारंपरिक बाजारों में व्यापारियों को मूलभूत सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता उपलब्ध कराई जाए ताकि त्योहारों में लोगों को बेहतर खरीदारी अनुभव मिले। उन्होंने कहा, “हमारे लोक कलाकारों, कुम्हारों और कारीगरों की मेहनत से यह दीपावली और भी रोशन हुई है। यह सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की भावना का उत्सव है। धामी सरकार ने हाल ही में प्रदेश के शिल्पकारों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज और ऑनलाइन विपणन प्लेटफॉर्म की भी घोषणा की है, ताकि उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पाद देशभर में अपनी पहचान बना सकें।
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