विधानसभा में नौकरी लगवाने का सपना दिखाकर ठगी, आरोपी फरार

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। विधानसभा में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक दंपती ने एक व्यक्ति से 7.38 लाख रुपये ठग लिए। आरोप है कि दंपती ने फर्जी पहचान और झूठे वादों के जरिए पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। शिकायत मिलने के बाद रायपुर थाना पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत में मंदाकिनी विहार, सहस्त्रधारा रोड, रायपुर निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि उसकी मुलाकात मोहम्मद आरिफ नाम के व्यक्ति से सचिवालय के पास हुई थी। बातचीत के दौरान आरिफ ने खुद को विधानसभा निदेशक का चालक बताया और पीड़ित को भरोसा दिलाया कि उसके संपर्क में बड़े अधिकारी हैं।
आरोपित आरिफ ने मुकेश को बताया कि विधानसभा में निदेशक का निजी सहायक (पीए) का पद खाली होने वाला है। उसने दावा किया कि वह उसे इस पद पर नौकरी लगवा सकता है। सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद में मुकेश उसकी बातों में आ गया।
शिकायत के अनुसार, नौकरी दिलाने के नाम पर आरिफ ने पहले छह लाख रुपये और जरूरी दस्तावेजों की फोटो कॉपी मांगी। उसने पीड़ित को भरोसा दिया कि जल्द ही उसकी ज्वाइनिंग हो जाएगी। आरोपित ने ज्वाइनिंग की तारीख भी बताई थी, लेकिन तय समय से पहले ही उसने फोन उठाना बंद कर दिया।
पीड़ित ने जब आरिफ से संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसे शक हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। मामले की जानकारी जुटाने पर उसे पता चला कि नौकरी दिलाने का पूरा दावा फर्जी था।
मुकेश कुमार ने पुलिस को बताया कि ठगी की योजना में आरिफ की पत्नी भी शामिल थी। आरोप है कि आरिफ की पत्नी ने खुद को विधानसभा निदेशक अंकिता सिंह बताकर फोन पर बातचीत की और नौकरी से जुड़ी जानकारी देकर पीड़ित का विश्वास हासिल किया।
शिकायत में यह भी बताया गया है कि आरिफ ने नौकरी की प्रक्रिया और विधानसभा से जुड़े कार्यक्रमों का हवाला देकर पीड़ित से अतिरिक्त रकम भी ली। उसने बताया कि विधानसभा में नई नियुक्ति होने पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें अधिकारी और मंत्री शामिल होते हैं। इस व्यवस्था के नाम पर भी पीड़ित से 1.38 लाख रुपये अलग से लिए गए।
इस तरह आरोपित दंपती ने नौकरी लगवाने और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर कुल 7.38 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब नौकरी नहीं मिली और आरोपितों ने संपर्क बंद कर दिया तो पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
रायपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और आरोपितों से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति के नौकरी लगवाने के दावे पर बिना जांच-पड़ताल के पैसे देना नुकसानदायक हो सकता है।
फिलहाल पुलिस आरोपितों की भूमिका, पैसों के लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।





