उत्तराखंड
उत्तराखंड पुलिस की वर्दी और ध्वज में बदलाव, नए क्रेस्ट और इंसिग्निया का अनावरण
Ratna Netam
31 Oct 2026 3:36 PM IST

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देहरादून। उत्तराखंड की पुलिस व्यवस्था को नई पहचान देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा कदम उठाया है। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उत्तराखंड पुलिस के नए ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 'सत्यनिष्ठा से समृद्धि' थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 की भी शुरुआत की। कार्यक्रम में उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की पहचान में बदलाव केवल प्रतीकों और वर्दी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को मजबूत करने का प्रयास है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों को नई पहचान मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि नए प्रतीक चिह्न उनके भीतर गौरव के साथ जिम्मेदारी का भाव भी पैदा करेंगे।
'कर्म सत्यं शौर्यम्' होगा उत्तराखंड पुलिस का नया ध्येय वाक्य
उत्तराखंड पुलिस को नया ध्येय वाक्य 'कर्म सत्यं शौर्यम्' दिया गया है। इसमें कर्तव्य, सत्य और साहस के मूल्यों को प्रमुखता दी गई है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को इन आदर्शों को अपने व्यवहार और कार्यशैली में अपनाना चाहिए।उन्होंने कहा कि किसी भी पुलिस बल की वास्तविक पहचान उसके प्रतीकों से अधिक उसके काम और नागरिकों के प्रति व्यवहार से बनती है। पुलिसकर्मियों को आम लोगों के साथ संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए। उनकी कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई देनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है। उन्होंने पुलिस विभाग को आधुनिक तकनीक से लैस करने, प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने और स्मार्ट पुलिसिंग को प्रोत्साहित करने की बात भी कही।
नए प्रतीक चिह्न में दिखाई देगी उत्तराखंड की पहचान
उत्तराखंड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न को राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें अशोक स्तंभ, 'सत्यमेव जयते', स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को शामिल किया गया है।अशोक स्तंभ और सत्यमेव जयते का संदेश राष्ट्रीय गौरव, सत्य तथा न्याय का प्रतीक है। वहीं हिमालय और नदी उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। स्वर्णिम लॉरेल रीथ के माध्यम से सम्मान, उत्कृष्टता और उपलब्धि का भाव प्रदर्शित किया गया है।पुलिस के पुराने तीन रंगों वाले क्षैतिज ध्वज की जगह अब गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है। इसके बीच में नया पुलिस प्रतीक चिह्न होगा, जबकि लाल और सुनहरे रंग के किनारे इसे विशेष स्वरूप देंगे।पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर लगाए जाने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नए प्रतीक के अनुरूप तैयार किया गया है। पारंपरिक खाकी वर्दी को भी सेरेमोनियल रूप दिया गया है। इसमें बहुरंगी सैश, विशेष अलंकरण और परेड के अनुरूप सजावट शामिल की गई है। पुलिस का पिछला ध्वज 4 अप्रैल 2008 को जारी किया गया था। नए गौरव चिह्नों को मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को मंजूरी दी थी।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह की शुरुआत, भ्रष्टाचार के खिलाफ हेल्पलाइन 1064 पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'सत्यनिष्ठा से समृद्धि' थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है। विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी संसाधनों का सही इस्तेमाल हो और आम नागरिकों को बिना परेशानी सरकारी सेवाओं का लाभ मिले।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन विकसित करने में सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर केवल कार्रवाई ही नहीं की जाए, बल्कि उन व्यवस्थागत कमियों को भी दूर किया जाए, जिनके कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं।धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं और किसी भी प्रकार की अनियमितता या रिश्वत संबंधी शिकायत टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराएं। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की तरह भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए और नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयों में आने वाले नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने तथा उनके काम समय पर पूरे करने का आह्वान किया।
6 नवंबर को उत्तराखंड पुलिस को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस कलर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित 'राष्ट्रपति पुलिस कलर' से अलंकृत करेंगे।यह पुलिस बल को उसकी विशिष्ट सेवाओं और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाने वाला सम्मान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर उत्तराखंड पुलिस के जवान नई सेरेमोनियल वर्दी में परेड में हिस्सा लेंगे।उन्होंने विश्वास जताया कि नई पहचान और सम्मान के साथ उत्तराखंड पुलिस जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी। पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की कि वे इस सम्मान की गरिमा बनाए रखते हुए आम जनता की सुरक्षा और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पुलिस के नए गौरव चिह्नों का अनावरण विशेष महत्व रखता है। यह अवसर राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के संकल्प को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।इस अवसर पर उत्तराखंड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुईं शाहजहां जावेद खान और जगदीश चंद्र को मुख्यमंत्री ने नए प्रतीक चिह्न से अलंकृत कर शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पीवीके प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार और अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन समेत शासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।कुल मिलाकर उत्तराखंड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण पुलिस बल की संस्थागत पहचान में बदलाव का महत्वपूर्ण कदम है। वहीं सतर्कता जागरूकता सप्ताह की शुरुआत के साथ राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायतों के निस्तारण, प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर दिया है। आने वाले समय में इन पहलों का असर पुलिस की कार्यशैली और आम नागरिकों को मिलने वाली सरकारी सेवाओं में दिखाई देना महत्वपूर्ण होगा।
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