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हरिद्वार Haridwar। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर संत समाज की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। हरिद्वार में महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर आचार्य भास्करानंद महाराज ने कहा कि उनके अनुसार चंपत राय ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है और व्यक्तिगत रूप से उनका किसी कथित अनियमितता से संबंध नहीं रहा है।
मीडिया से बातचीत में आचार्य भास्करानंद महाराज ने कहा कि वह स्वयं राम मंदिर आंदोलन और मंदिर से जुड़े कार्यों से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी या घोटाले की बातें सामने आई हैं तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों की हो सकती है, लेकिन चंपत राय की छवि एक ईमानदार और विवादों से दूर रहने वाले व्यक्ति की रही है। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि चंपत राय जी ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है। जहां तक मेरी जानकारी है, उनका किसी कथित घोटाले में प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। यदि निचले स्तर पर किसी व्यक्ति ने गलत कार्य किया है तो उसकी जानकारी हर वरिष्ठ व्यक्ति को हो, यह आवश्यक नहीं है।
आचार्य भास्करानंद ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार किसी संस्था या संगठन में कार्यरत व्यक्ति अपने स्तर पर गलत कदम उठा लेते हैं, जिसकी जानकारी शीर्ष नेतृत्व को बाद में मिलती है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति की गलती के आधार पर पूरे नेतृत्व को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि जांच के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आएंगे। संत समाज की ओर से भी यह अपेक्षा की जा रही है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
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