उत्तराखंड

रोडवेज परिसर के बाहर चला बुलडोजर

Kavita2
2 Sept 2026 2:07 PM IST
रोडवेज परिसर के बाहर चला बुलडोजर
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रुद्रपुर। प्रशासन ने बुधवार को विरोध के बीच विश्वकर्मा मार्केट में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। रोडवेज परिसर के बाहर बनी दुकानों और अन्य अतिक्रमण को हटाने के लिए दो बुलडोजर लगाए गए। कार्रवाई से पहले प्रशासन और संबंधित लोगों के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत चली, लेकिन सहमति नहीं बनने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया।

लोक निर्माण विभाग की ओर से रोडवेज परिसर के बाहर बनी दुकानों को हटाने के लिए पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। इससे पहले भी कई बार अतिक्रमण हटाने की तैयारी हुई, लेकिन दुकानदारों और प्रभावित लोगों की पुनर्वास की मांग के कारण मामला टलता रहा। बुधवार को प्रशासन पूरी तैयारी के साथ पुलिस बल और लोक निर्माण विभाग की टीम को लेकर मौके पर पहुंचा।

सुबह से ही मौके पर बढ़ी हलचल

बुधवार पूर्वाह्न प्रशासनिक अधिकारी, लोक निर्माण विभाग की टीम और पुलिस बल विश्वकर्मा मार्केट पहुंचे। बड़ी संख्या में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को देखकर दुकानदारों और आसपास के लोगों में हलचल बढ़ गई।

प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू की गई तो प्रभावित लोगों ने एक बार फिर अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। उनका जोर पुनर्वास की व्यवस्था किए जाने पर था।

अधिकारियों ने संबंधित लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की कोशिश की।

करीब दो घंटे तक चली बातचीत

कार्रवाई शुरू करने से पहले प्रशासन और प्रभावित पक्ष के बीच लगभग दो घंटे तक वार्ता चली। दुकानदारों और अन्य लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।

पूर्व में भी पुनर्वास की मांग के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई थी। इस बार भी लोगों ने प्रशासन से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग उठाई।

लंबी बातचीत के बावजूद अतिक्रमण हटाने को लेकर कोई रास्ता नहीं निकलने पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया।

दो बुलडोजर से शुरू हुई कार्रवाई

वार्ता खत्म होने के बाद प्रशासन ने मौके पर मौजूद दो बुलडोजरों को आगे बढ़ाया और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

रोडवेज परिसर के बाहर बने अतिक्रमण को एक-एक कर हटाया जाने लगा। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल को भी सतर्क रखा गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

प्रशासन ने पहले आसपास खड़े लोगों और वाहनों को हटवाया। इसके बाद बुलडोजर के जरिए अभियान को तेज किया गया।

लोगों ने किया विरोध का प्रयास

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही कुछ लोगों ने इसका विरोध करने की कोशिश की। इससे कुछ समय के लिए मौके पर तनाव जैसी स्थिति बनी।

एक समय ऐसा भी लगा कि विरोध बढ़ने की स्थिति में प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ सकती है। हालांकि अधिकारियों और पुलिस ने स्थिति को संभाला और अभियान जारी रखा।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया कि पहले से नोटिस जारी किए जा चुके हैं और अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

प्रभारी निरीक्षक के पहुंचते ही सक्रिय हुई पुलिस

कार्रवाई के दौरान प्रभारी निरीक्षक प्रकाश दानू मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद पुलिस टीम और सक्रिय हो गई।

पुलिस ने कार्रवाई वाले क्षेत्र में खड़े लोगों को पीछे किया और वहां मौजूद वाहनों को भी हटवाया। इसके बाद बुलडोजर को अतिक्रमण वाले हिस्से तक पहुंचने का रास्ता मिला।

पुलिस की सक्रियता और प्रशासन के सख्त रुख को देखते हुए विरोध करने वाले लोग पीछे हट गए।

प्रशासन ने दिखाया सख्त रुख

इस बार प्रशासन ने साफ संकेत दिया कि कार्रवाई बीच में नहीं रोकी जाएगी। पूर्व में कई बार नोटिस जारी होने और अभियान टलने के कारण स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इस बार भी बातचीत के बाद कार्रवाई स्थगित हो सकती है।

लेकिन लगभग दो घंटे की बातचीत के बाद प्रशासन ने अभियान आगे बढ़ा दिया। पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर से अतिक्रमण हटाया जाने लगा।

इसके बाद विरोध भी धीरे-धीरे शांत हो गया।

पहले भी जारी हो चुके थे नोटिस

लोक निर्माण विभाग की ओर से रोडवेज परिसर के बाहर बने निर्माण को हटाने के लिए पहले भी संबंधित लोगों को नोटिस दिए गए थे।

विभाग का कहना था कि निर्धारित क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया जाना आवश्यक है। हालांकि प्रभावित लोग पुनर्वास की मांग कर रहे थे। इसी वजह से मामला लंबे समय तक खिंचता रहा।

बुधवार की कार्रवाई से पहले भी प्रशासन ने संबंधित पक्षों को स्थिति से अवगत कराया था।

पुनर्वास की मांग पर अड़े रहे लोग

दुकानदारों और प्रभावित लोगों की मुख्य मांग पुनर्वास से जुड़ी रही। उनका कहना था कि दुकानों के हटने से उनकी आजीविका प्रभावित होगी, इसलिए प्रशासन को पहले उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

इसी मुद्दे को लेकर पूर्व में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई टलती रही थी। बुधवार को भी वार्ता के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

हालांकि प्रशासन ने उपलब्ध निर्देशों के तहत अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे बढ़ाया।

पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान

संभावित विरोध को देखते हुए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने लोगों को कार्रवाई स्थल से सुरक्षित दूरी पर रखा।

सड़क और अतिक्रमण वाले क्षेत्र में खड़े वाहनों को हटवाने के बाद बुलडोजर की आवाजाही आसान हुई। इसके बाद अभियान तेजी से आगे बढ़ा।

पुलिस की मौजूदगी के कारण कार्रवाई के दौरान किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं बनी।

यातायात व्यवस्था पर भी नजर

रोडवेज परिसर के बाहर कार्रवाई होने के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका थी। इसलिए पुलिस को वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ी।

अतिक्रमण हटाने वाले वाहनों और बुलडोजरों की मौजूदगी से सड़क पर जगह कम हो गई थी। ऐसे में आसपास खड़े निजी वाहनों को हटाकर रास्ता खाली कराया गया।

लंबे समय से लंबित थी कार्रवाई

विश्वकर्मा मार्केट में अतिक्रमण हटाने का मामला लंबे समय से चल रहा था। नोटिस जारी होने के बावजूद पुनर्वास की मांग के चलते प्रशासन को कई बार कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी थी।

इस बार प्रशासन पूरी तैयारी के साथ पहुंचा और बातचीत के लिए समय देने के बाद अभियान शुरू कर दिया।

कार्रवाई के बाद आगे की व्यवस्था पर नजर

अतिक्रमण हटाने के बाद अब प्रभावित दुकानदारों की पुनर्वास संबंधी मांग पर प्रशासन क्या निर्णय लेता है, इस पर नजर रहेगी। दुकानदारों का कहना है कि उनकी आजीविका का सवाल इससे जुड़ा हुआ है।

वहीं प्रशासन का जोर सार्वजनिक स्थान और निर्धारित क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने पर है।

बुधवार को दो घंटे की वार्ता और शुरुआती विरोध के बावजूद दो बुलडोजरों से अभियान चलाया गया। पुलिस की सक्रियता और प्रशासन के सख्त रुख के बाद विरोध शांत हो गया और रोडवेज परिसर के बाहर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ी।

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