उत्तराखंड

उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही पुल की एप्रोच रोड टूटी, जांच की मांग

Ratna Netam
28 July 2026 4:00 PM IST
उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही पुल की एप्रोच रोड टूटी, जांच की मांग
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देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारी बारिश ने हाल ही में बने एक पुल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेमनगर क्षेत्र के टोंस नदी पर नंदा की चौकी के पास करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया पुल रातभर हुई तेज बारिश के बाद क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के अप्रोच रोड के पास बड़ा गड्ढा हो जाने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह पुल कुछ दिन पहले ही बनकर तैयार हुआ था और इसका उद्घाटन भी किया जा चुका था। लेकिन भारी बारिश के बाद पुल तक पहुंचने वाली सड़क के एक हिस्से में अचानक कटाव हो गया और बड़ा गड्ढा बन गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।

पुल को लेकर उठे सवालों के बीच कांग्रेस ने भी सरकार और निर्माण एजेंसियों पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता संग्राम सिंह पुंडीर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण कुछ ही दिनों में सड़क का हिस्सा खराब हो गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तराखंड में हर साल मानसून के दौरान भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। ऐसे में किसी भी बड़े निर्माण कार्य को क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और मौसम की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या पुल और उसकी अप्रोच रोड का निर्माण भविष्य में आने वाली बारिश और जल दबाव को देखते हुए किया गया था।

वहीं, देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पुल के मुख्य ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि केवल पुल तक पहुंचने वाली अप्रोच रोड प्रभावित हुई है, जिसकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने बारिश को देखते हुए पहले से ही कंट्रोल रूम को सक्रिय कर रखा था और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त टीमों को तैनात किया गया था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है और जल्द ही क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक कर यातायात व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि भारी बारिश के कारण कई जगहों पर सड़क और संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है ताकि लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस घटना के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बनाए जाने वाले पुलों और सड़कों के निर्माण में विशेष तकनीकी मानकों का पालन जरूरी है। मानसून के दौरान होने वाली प्राकृतिक चुनौतियों को देखते हुए मजबूत ढांचे तैयार किए जाने चाहिए।

फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुल सुरक्षित है और केवल अप्रोच रोड को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, विपक्ष और स्थानीय लोगों की ओर से उठाए गए सवालों के बाद अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर जांच की मांग भी सामने आ रही है।

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में बारिश के दौरान सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण कार्यों में जल निकासी व्यवस्था, मिट्टी की मजबूती और मौसम के प्रभावों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। फिलहाल देहरादून प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और मरम्मत कार्य जारी है।

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